उत्तराखंड

रुद्रप्रयाग के जखोली में फर्जी साइन से निकाले लाखों रुपए, इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल और प्रबंधक आमने–सामने

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत May 20, 2026 10:18 1 views 0 Comments
रुद्रप्रयाग के जखोली में फर्जी साइन से निकाले लाखों रुपए, इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल और प्रबंधक आमने–सामने

रुद्रप्रयाग के जखोली विकासखंड स्थित एक इंटरमीडिएट कॉलेज में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है, आरोप है कि विद्यालय के प्रबंधक ने प्रभारी प्रधान...

रुद्रप्रयाग के जखोली विकासखंड स्थित एक इंटरमीडिएट कॉलेज में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है, आरोप है कि विद्यालय के प्रबंधक ने प्रभारी प्रधानाचार्य के फर्जी हस्ताक्षर कर विद्यालय के खाते से 2 लाख रुपए से ज्यादा की रकम निकाल ली, इतना ही नहीं, रिकॉर्ड में हाथ से बनाए गए फर्जी बिल लगाकर पूरे मामले को दबाने की कोशिश भी की गई, उधर, मामले में निवर्तमान प्रबंधक ने सभी आरोपों को खारिज किया है, आरोप है कि बीती अक्टूबर 2025 में बिना किसी बैठक, प्रस्ताव या प्रबंध समिति की अनुमति के विद्यालय निधि से लाखों रुपए निकाले गए, जबकि, नियमानुसार किसी भी अशासकीय विद्यालय में वित्तीय निकासी के लिए प्रबंध समिति का प्रस्ताव और प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं, हैरानी की बात यह है कि वर्तमान में विद्यालय की प्रबंध समिति भंग है और खंड शिक्षा अधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया गया है, इसके बावजूद वित्तीय लेन-देन मनमाने ढंग से किए जाने के आरोप लगे हैं।

SCHOOL FAKE SIGN CASH WITHDRAWAL

मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है. क्योंकि, साल 2022 से अब तक विद्यालय की कैशबुक तक नहीं भरी गई है, यानी चार सालों से विद्यालय के आय-व्यय का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, इससे पूरे वित्तीय प्रबंधन पर सवाल खड़े हो गए हैं और शिक्षा विभाग की निगरानी व्यवस्था भी कटघरे में आ गई है, मामला सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है, प्रभारी प्रधानाचार्य राजपाल सिंह ने कहा कि मुझे इस निकासी की जानकारी नहीं थी, मेरे फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से रकम निकल गई और मैने जब रिकॉर्ड मांगा तो मुझे हाथ से बने संदिग्ध बिल दिखाए गए साथ ही पूरे मामले की जांच के जानी चाहिए। प्रबंध समिति से जुड़े लोगों ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब समिति भंग है और प्रशासक नियुक्त है, तब प्रबंधक किस अधिकार से अकेले वित्तीय फैसले ले रहे हैं, उनका कहना है कि विद्यालय निधि बच्चों के विकास और शिक्षा के लिए होती है, लेकिन यहां नियमों को दरकिनार कर धन निकासी की गई।

अभिभावकों और ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे, फिलहाल, फर्जी हस्ताक्षर कर लाखों रुपए की हेराफेरी का मामला सुर्खियों में है, वहीं, निवर्तमान प्रबंधक ने लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है, दर्शन सिंह बिष्ट, निवर्तमान प्रबंधक ने कहा कि मुझ पर लगाए गए सभी आरोप निराधार है मेरी छवि को दो मिल करने के लिए प्रयास किया जा रहे हैं मेरे पास सभी साक्ष्य उपलब्ध है, जहां-जहां धनराशि खर्च की गई है, जिन लोगों ने आरोप लगाए हैं, उन पर मानहानि का दावा किया जाएगा, फिलहाल समिति भंग हो चुकी है, ऐसे में प्रबंधक अब निवर्तमान हो गए हैं, उधर, मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार ने मामले में शिकायत मिलने पर कार्रवाई की बात कही है। अजय कुमार चौधरी मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कहा की मामला मेरे संज्ञान में नहीं है जैसे ही कोई पत्र हमारे पास आता है तो चलते कार्रवाई की जाएगी।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

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Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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