एम्स ऋषिकेश में भर्ती कुख्यात विनय त्यागी की हालत बेहद गंभीर, बेटी बोली-पिता को है खतरा
By सुरेन्द्र सिंह रावत
•
Dec 26, 2025 04:04
•
1 views
•
0 Comments
एम्स ऋषिकेश में भर्ती पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की हालत बेहद गंभीर है। अभी वह वेंटिलेटर पर है। एम्स के पीआरओ शीलॉय मोहंती ने ब...
एम्स ऋषिकेश में भर्ती पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की हालत बेहद गंभीर है। अभी वह वेंटिलेटर पर है। एम्स के पीआरओ शीलॉय मोहंती ने बताया कि बुधवार रात ऑपरेशन कर उसके सीने से दो गोलियां निकाली गई थीं, डॉक्टरों की टीम उसके उपचार में जुटी हुई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात विनय त्यागी पर लक्सर में हुए कातिलाना हमले के बाद उनकी बेटी तनवी भारद्वाज ने पुलिस सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। आरोप लगाया कि हमले के दौरान सिपाही कार से निकलकर बाहर गए और पिता को अंदर छोड़ दिया। राइफल उठाई, लेकिन फिर रख दी। पुलिस-प्रशासन पर इलाज कराने में भी देरी करने का आरोप लगाया है। फिलहाल विनय त्यागी की हालत नाजुक है और वेंटीलेटर पर है। परिवार ने खतरा जताते हुए सुरक्षा मांगी है।
बृहस्पतिवार को uk360 से दूरभाष पर बातचीत में विनय त्यागी की बेटी तनवी भारद्वाज ने बताया कि उनके पिता को बहुत खतरा है। उन्होंने पहले ही रुड़की जेल में खतरा जताया था। पहले से ही किसी अनहोनी की आशंका थी। इसलिए मजिस्ट्रेट को पत्र लिखा। रिमांड की तारीख पर पिता को अतिरिक्त सुरक्षा देने की मांग की गई। मजिस्ट्रेट ने इसकी अनुमति दे दी। मगर सिर्फ नाकेबंदी की और चार सिपाही के साथ सिंगल गाड़ी भेजी गई। जब लक्सर में गोलियां चलाई गईं तो चारों सिपाही कार से उतरकर इधर-उधर हो गए और पिता को अंदर ही छोड़ दिया। तनवी का आरोप है कि दोपहर 12:30 बजे हमला किया गया, लेकिन तीन अस्पतालों में उन्हें ट्रांसफर किया गया। रात में 12:30 बजे ऑपरेशन शुरू किया गया। 12 घंटे बाद इलाज शुरू किया गया। आरोप लगाया कि रात में सुरक्षा व्यवस्था के बीच एंबुलेंस अस्पताल सिर्फ 20 से 30 की गति से चलाई जा रही थी। इसकी जीओ टैग वाली वीडियो उसके पास है। इलाज में देरी के लिए ये सब किया गया।
तनवी ने आरोप लगाया कि उनके अनुरोध पर मजिस्ट्रेट ने बयान के लिए निर्देश दिए मगर पुलिस ने ये कहकर टाल दिया कि विनय त्यागी बोलने की स्थिति में नहीं है। कहा कि जब रात में एम्स लाया गया तो वह अंदर मिलने पहुंचीं। जहां पिता ने देखते ही कहा कि हां मेरे बेटे। सवाल उठाया कि जब उन्होंने मुझे देखते ही ऐसा कहा तो फिर कैसे मान लें कि वह बोलने की स्थिति में नहीं थे।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
Comments (0)
No comments yet. Be the first to share your thoughts!