उत्तराखंड

उत्तराखंड सरकार दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रदेश में खोलेगी चार नए आधुनिक ट्रॉमा सेंटर

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत May 09, 2026 01:44 2 views 0 Comments
उत्तराखंड सरकार दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रदेश में खोलेगी चार नए आधुनिक ट्रॉमा सेंटर

उत्तराखंड सरकार प्रदेश में चार नए ट्रॉमा सेंटर खोलने जा रही है। इनमें एक ट्रॉमा सेंटर श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में बनाया जाएगा, जबकि तीन अन्य केंद्रों के...

उत्तराखंड सरकार प्रदेश में चार नए ट्रॉमा सेंटर खोलने जा रही है। इनमें एक ट्रॉमा सेंटर श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में बनाया जाएगा, जबकि तीन अन्य केंद्रों के लिए स्थान चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार का मानना है कि लगातार बढ़ते सड़क हादसों, चारधाम यात्रा मार्गों पर दुर्घटनाओं और पहाड़ी इलाकों में समय पर इलाज न मिलने की समस्या को देखते हुए ट्रॉमा सेवाओं का विस्तार जरूरी हो गया है। उत्तराखंड में हर साल हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। वर्ष 2024 में राज्य में करीब 1,747 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं, जिनमें लगभग 1,547 लोग घायल हुए और 1,090 व्यक्तियों की मौत हुई। वहीं वर्ष 2025 में हादसों की संख्या बढ़ गई। पहाड़ी सड़कें, गहरी खाइयों, भूस्खलन, बारिश और खराब मौसम के कारण यहां हादसे अक्सर गंभीर रूप ले लेते हैं।

चारधाम यात्रा मार्ग प्रदेश के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में माने जाते हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु इन कठिन पहाड़ी मार्गों से यात्रा करते हैं। भारी ट्रैफिक, संकरी सड़कें और अचानक बदलता मौसम दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ा देता है। कई बार घायल मरीजों को कई किलोमीटर दूर देहरादून, ऋषिकेश या हल्द्वानी रेफर करना पड़ता है, जिससे गोल्डन आवर निकल जाता है। अभी प्रदेश में बड़ी ट्रॉमा सुविधाएं मुख्य रूप से देहरादून, ऋषिकेश और हल्द्वानी तक सीमित हैं। सरकार के लिए ट्रॉमा सेंटर बनाने की राह आसान भी नहीं है। सबसे बड़ी चुनौती विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। न्यूरोसर्जन, आर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थेटिस्ट और आईसीयू विशेषज्ञों के आधे से अधिक पद अब भी खाली हैं। इसके अलावा कई जिला अस्पतालों में एमआरआई, सीटी स्कैन और आधुनिक पैथोलाजी जांच सुविधाएं सीमित हैं। मशीनें होने के बावजूद तकनीकी स्टाफ की कमी सेवाओं को प्रभावित कर रही है।

अन्य पहाड़ी राज्यों में हिमाचल प्रदेश ने ट्रॉमा नेटवर्क को तेजी से मजबूत किया है। वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में एयर एंबुलेंस और मोबाइल मेडिकल यूनिट पर अधिक ध्यान दिया गया है।सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों ने भी टेलीमेडिसिन आधारित इमरजेंसी सेवाओं का माडल विकसित किया है। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा मार्ग होने के कारण हर साल हादसों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक होती है, इसलिए राज्य सरकार ट्रॉमा नेटवर्क को अपेक्षाकृत मजबूत करना चाहती है। प्रदेश में चार नए ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए कार्य प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, सबसे पहले चारधाम यात्रा मार्ग पर श्रीनगर में ट्रॉमा सेंटर बनाने जा रहे हैं, तीन नए स्थानों के चयन की प्रक्रिया शुरू की गई है। सुबोध उनियाल, स्वास्थ्य मंत्री

सुरेन्द्र सिंह रावत

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Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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