टिहरी में मां की आंखों के सामने बुझ गया चिराग, कोटेश्वर बांध झील में डूबने से हुई सात साल के बेटे की मौत
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Feb 06, 2026 15:35
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नई टिहरी। अपनी मां और अन्य बच्चों के साथ मवेशियों को चराने गए एक सात वर्षीय बालक की कोटेश्वर बांध की झील में डूबने से मौत हो गई।साथ गए बच्चों व उसकी...
नई टिहरी। अपनी मां और अन्य बच्चों के साथ मवेशियों को चराने गए एक सात वर्षीय बालक की कोटेश्वर बांध की झील में डूबने से मौत हो गई।साथ गए बच्चों व उसकी मां ने रस्सी के सहारे बच्चे को बाहर निकाला। लेकिन, तब तक मासूम की सांसे थम चुकी थी।घटना के बाद से लोगों में टीएचडीसी कोटेश्वर के प्रति आक्रोश बना हुआ है। इससे पहले भी एक ग्रामीण की झील में डूबने से मौत हो गई थी।
जानकारी के अनुसार विकासखंड चंबा की धारअकरिया पट्टी के ग्राम भासौं निवासी सात वर्षीय बालक दिव्यांशु बीते गुरुवार को भासौं गांव से थोड़ा आगे धर्मशाला नामे तोक के नीचे अपनी मां व अन्य बच्चों के साथ मवेशियों को चराने और लकड़ियां इकट्ठा करने गया हुआ था। घटना के बाद से स्वजन सहित गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों में टीएचडीसी कोटेश्वर बांध प्रशासन के प्रति आक्रोश है। क्षेत्र पंचायत सदस्य मंजू देवी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य ज्योति पंत ने इसे कोटेश्वर बांध प्रशासन की घोर लापरवाही बताया है।
कहा कि इससे पहले भी भासौं गांव के चंद्र मोहन की उस समय झील में डूबने से मौत हो गई, जब वह अपनी बेटी को झील में डूबने से बचाने की कोशिश कर रहा था।पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य ज्योति पंत ने कहा कि झील के किनारे बांध प्रशासन को जाली (तारबंदी) लगानी चाहिए थी। जहां-जहां मवेशियों को चरान व चुगान के लिए ले जाया जाता है, ऐसे कुछ चिह्नित स्थानों पर तारबाड़ जरुरी है।भासौं गांव के ग्रामीणों ने कहा कि यदि बांध प्रशासन तारबाड़ नहीं करेगा तो आंदोलन किया जाएगा।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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