अल्मोड़ा में ‘हर घर जल - हर घर नल’ योजना अधर में,पाइपलाइन बिछने के डेढ़ साल बाद भी शुरू नहीं हुई जलापूर्ति
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Jul 21, 2025 11:16
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ‘हर घर जल - हर घर नल’ के अंतर्गत उत्तराखंड के कई गांवों में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने का कार्य किया...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना ‘हर घर जल - हर घर नल’ के अंतर्गत उत्तराखंड के कई गांवों में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है। परंतु ग्राम सभा शैलगुठ, विकासखंड हवालबाग, जनपद अल्मोड़ा का मामला सरकार की योजनाओं के जमीनी हकीकत को उजागर कर रहा है।
यहां लगभग एक से डेढ़ वर्ष पूर्व जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने और हर घर में नल कनेक्शन देने का कार्य तो पूरा कर दिया गया था, लेकिन आज तक ग्रामीणों को योजना का कोई प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिल पाया है। जलापूर्ति की शुरुआत न होने के कारण ग्रामीण आज भी पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।
इस गंभीर विषय को लेकर ग्राम पंचायत सदस्य कपिल मल्होत्रा ने अधिशासी अभियंता, जल निगम, अल्मोड़ा को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि ग्रामीणों को अब तक पानी नहीं मिल रहा है, जबकि योजना का भौतिक कार्य लंबे समय पहले ही पूरा हो चुका है।
मल्होत्रा ने पत्र में लिखा है कि अत्यंत खेद की बात है कि पाइप लाइन एवं नल कनेक्शन का कार्य पूर्ण होने के बावजूद जल आपूर्ति का संचालन अभी तक प्रारंभ नहीं हुआ है। इससे ग्रामवासियों में निराशा व्याप्त है और वे सरकार की योजना से वंचित हैं। उन्होंने जल निगम से तत्काल प्रभाव से योजना को सुचारु रूप से शुरू कराने की मांग की है ताकि गांव के हर घर को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
ग्रामीणों का कहना है कि जल की अनुपलब्धता के चलते उन्हें पहाड़ी ढालों से दूर जाकर पानी लाना पड़ता है, जिससे विशेषकर बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। यदि योजना को समय पर चालू कर दिया जाता तो यह समस्या काफी हद तक हल हो सकती थी।यह स्थिति न केवल सरकार की योजनाओं की क्रियान्वयन प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि प्रशासन की निष्क्रियता को भी दर्शाती है। एक ओर सरकार जल जीवन मिशन को सफल बताती है, वहीं दूसरी ओर जमीन पर इसकी गूंज अभी तक सुनाई नहीं दे रही।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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