उत्तराखंड

भारत सरकार के प्रचेष्टा-1 मूल्यांकन में अल्मोड़ा के सरकारी स्कूलों ने 327 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पाया छठा स्थान

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Jul 12, 2026 07:35 1 views 0 Comments
भारत सरकार के प्रचेष्टा-1 मूल्यांकन में अल्मोड़ा के सरकारी स्कूलों ने 327 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पाया छठा स्थान

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता परखने के लिए कराए गए प्रचेष्टा-1 मूल्यांकन में अल्मोड़ा जिले के स्कूलों को 327 अ...

भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की ओर से सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता परखने के लिए कराए गए प्रचेष्टा-1 मूल्यांकन में अल्मोड़ा जिले के स्कूलों को 327 अंक प्राप्त हुए हैं। इस प्रदर्शन के साथ अल्मोड़ा को प्रदेश में छठा स्थान मिला है। स्कूलों का मूल्यांकन प्रभावी कक्षा शिक्षण, आधारभूत ढांचा, सुविधाएं एवं छात्र अधिकार, स्कूल सुरक्षा एवं बाल संरक्ष, डिजिटल लर्निंग तथा गवर्नेंस प्रोसेस जैसे पांच प्रमुख मानकों पर किया गया। अल्मोड़ा को प्रभावी कक्षा शिक्षण में 131, आधारभूत सुविधाओं एवं छात्र अधिकारों में 57, स्कूल सुरक्षा एवं बाल संरक्षण में 28, डिजिटल लर्निंग में 19 तथा गवर्नेंस प्रोसेस में 22 अंक मिले। इन सभी श्रेणियों के संयुक्त मूल्यांकन के आधार पर जिले का कुल स्कोर 327 अंक रहा।

राज्य स्तर पर जारी रैंकिंग में चमोली 352 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद पिथौरागढ़ (344), बागेश्वर (343), देहरादून (340), पौड़ी गढ़वाल (335) और अल्मोड़ा (327) का स्थान रहा। नैनीताल (326), चंपावत (324) और टिहरी गढ़वाल (322) क्रमशः अगले स्थानों पर रहे। शिक्षा विभाग के अनुसार प्रचेष्टा-1 का उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं, विद्यार्थियों की सुरक्षा, डिजिटल शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था का समग्र मूल्यांकन कर कमियों की पहचान करना तथा उनके आधार पर सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करना है। इससे विद्यालयों के प्रदर्शन में प्रतिस्पर्धा के साथ गुणवत्ता सुधार को भी बढ़ावा मिलेगा।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

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Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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