अग्निवीरों के लिए अच्छी खबर, उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों में मिलेगा 10% आरक्षण, शासनादेश जारी
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Sep 03, 2025 02:21
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उत्तराखंड की धामी सरकार ने अपने पूर्व के एक फैसले को अमली जामा पहनाते हुए शासनादेश जारी कर दिया है, पूर्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह कहा...
उत्तराखंड की धामी सरकार ने अपने पूर्व के एक फैसले को अमली जामा पहनाते हुए शासनादेश जारी कर दिया है, पूर्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह कहा था कि अग्निवीर सेवा से मुक्त जवान को उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा, अब इस आरक्षण का शासनादेश जारी कर दिया है।
सरकार की तरफ से जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से उत्तराखंड में लागू होगा, उत्तराखंड शासन के कार्मिक एवं सतर्कता विभाग के द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि समूह ग की सीधी भर्तियों के लिए सेवायोजन आरक्षण नियमावली साल 2025 जारी कर दी गई है।
इसके बाद उत्तराखंड की सरकारी नौकरियों में अग्निवीर जवानों को आरक्षण मिलना शुरू हो जाएगा, उत्तराखंड में वन विभाग, आबकारी विभाग, जेल सिपाही, सचिवालय और अग्निशमन के साथ-साथ अन्य विभागों में अग्निवीर जवानों को आरक्षण मिलेगा, बता दें कि भाजपा शासित कई राज्यों में अग्निवीर के लिए पहले भी सरकारों ने ऐसा ही कई फैसले लिए हैं।
उत्तराखंड में रहने वाले युवा की पहली प्राथमिकता हमेशा से देश सेवा में जाने की रही है, ऐसे में उत्तराखंड के जो युवा अग्निवीर में शामिल होंगे, उन्हें उत्तराखंड में अग्निवीर से सेवा से मुक्त होने के बाद नई नौकरी के अवसर आसानी से मिल सकेंगे, राज्य सरकार के इस फैसले को कई लोग बेहतर और उत्तराखंड के युवाओं के लिए शानदार भी बता रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तरफ से जारी हुए आदेश में कहा गया है कि उत्तराखंड सरकार युवाओं को और सेना के जवानों को हर संभव तरीके से पहाड़ पर ही रोजगार देने और नौकरी देने के लिए कटिबद्ध है, इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने शहीदों और बलिदानों के परिवार को भी अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपए की है, वहीं परमवीर चक्र विजेताओं को यह राशि 50 लाख से बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये कर दी गई है, जबकि वीर बलिदानी परिवारों के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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