बद्रीनाथ में चढ़ावा हेराफेरी के बाद अब BKTC को दान में मिलीं दो एंबुलेंस और टेंपो ट्रेवलर गायब
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Jul 10, 2026 10:09
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बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में चढ़ावे की धनराशि में कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद अब समिति की व्यवस्थाओं से जुड़े अन्य मामलों...
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में चढ़ावे की धनराशि में कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद अब समिति की व्यवस्थाओं से जुड़े अन्य मामलों पर भी सवाल उठने लगे हैं। ताजा मामला बीकेटीसी को दान में मिली दो हाईटेक एंबुलेंस और एक टेंपो ट्रेवलर से जुड़ा है। हैरानी की बात यह है कि ये तीनों वाहन वर्तमान में बदरीनाथ धाम में कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं। समिति के जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इन वाहनों के धाम में मौजूद होने की जानकारी नहीं है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2018 में एक दानदाता ने बीकेटीसी को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित एक एंबुलेंस भेंट की थी। इसके बाद देवस्थानम बोर्ड के गठन के दौरान भी एक अन्य दानदाता ने समिति को एक और हाईटेक एंबुलेंस दान में दी थी। बताया जाता है कि दोनों एंबुलेंस आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए उपयोग में लाई जानी थीं ताकि बदरीनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके।
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इन दोनों एंबुलेंसों को कभी नियमित रूप से बदरीनाथ में संचालित होते नहीं देखा गया। इतना ही नहीं, सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत भी एक व्यक्ति ने इन एंबुलेंसों की स्थिति और उपयोग को लेकर जानकारी मांगी थी लेकिन समिति की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। इससे इन वाहनों की वर्तमान स्थिति को लेकर और तरह-तरह की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा ज्योतिर्मठ पीठ के ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज की ओर से वर्ष 2010 में बीकेटीसी को एक टेंपो ट्रेवलर दान में दिया गया था। इसका उद्देश्य असहाय, दिव्यांग और वृद्ध श्रद्धालुओं को बदरीनाथ बस अड्डे से मंदिर के समीप तक पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध कराना था ताकि उन्हें पैदल चलने में होने वाली कठिनाइयों से राहत मिल सके।
विश्वस्त सूत्रों का आरोप है कि टेंपो ट्रेवलर का लंबे समय से निजी और प्रशासनिक कार्यों में उपयोग किया जाता रहा है। बीते जून माह में अधिकारियों और कर्मचारियों के आवागमन के लिए इसे बदरीनाथ से देहरादून ले जाया गया। अब यह वाहन वहां भी मौजूद नहीं है। इस पूरे मामले में बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि उन्हें दान में मिली एंबुलेंसों की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी जुटाई जाएगी। टेंपो ट्रेवलर के मामले में उन्होंने बताया कि तकनीकी खराबी आने से उसे देहरादून ले जाया गया था। अभी वो कहां है, उसे दिखवाया जाएगा।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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