फर्जी फर्म और एंबुलेंस में छिपाकर सप्लाई, 13 करोड़ की नकली दवा 6 राज्यों में खपाई
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Nov 05, 2025 06:21
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नकली दवाएं बनाकर बाजार में बेचने वाले रैकेट के खिलाफ चल रही उत्तराखंड एसटीएफ की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। हरियाणा के पानीपत की फर्म साईं फार्मा के...
नकली दवाएं बनाकर बाजार में बेचने वाले रैकेट के खिलाफ चल रही उत्तराखंड एसटीएफ की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। हरियाणा के पानीपत की फर्म साईं फार्मा के एक बैंक खाते में 13 करोड़ रुपये से अधिक की नकली दवाओं के कारोबार को लेकर लेनदेन किया गया। छह राज्यों में नकली दवा सप्लाई की गई। इस कारोबार में न कोई टैक्स दिया गया और न जीएसटी रिटर्न फाइल की गई। मामले में फर्म संचालक दंपति और दवा सप्लाई लेने वाली चार फर्मों के संचालक आरोपी बनाए गए हैं। छह आरोपियों के खिलाफ एसटीएफ ने डालनवाला कोतवाली में केस दर्ज कराया है।
मंगलवार को एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि बीते एक जून को सेलाकुई इंडस्ट्रियल एरिया से ब्रांडेड कंपनी के नकली दवा रैपर और नकली आउटर बॉक्स, लेबल और क्यूआर कोड के साथ आरोपी संतोष कुमार को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में जांच एसटीएफ को ट्रांसफर हुई। जांच के दौरान रैकेट का संचालन कर रहे नवीन बंसल समेत 12 आरोपी गिरफ्तार किए गए। इनमें पांच दवा फैक्ट्री संचालक हैं। बीते पांच सितंबर को प्रदीप कुमार और उसकी पत्नी श्रुति को गिरफ्तार किया गया।
जांच में पता लगा कि इससे पहले गिरफ्तार हुए नवीन बंसल के साथ वर्ष 2023 से इस रैकेट का संचालन प्रदीप कुमार और उसकी पत्नी श्रुति डावर निवासी पानीपत, हरियाणा कर रहे थे। बिना जीएसटी नंबर और ड्रग लाइसेंस से खोली फर्म: फर्म को बिना जीएसटी नंबर और ड्रग लाइसेंस के खोला गया था। पिछले दो वर्षों के बैंक स्टेटमेंट में फर्म के खाते में 13 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन पाया गया। इसके बिल आरोपी जांच टीम को नहीं दिखा सके। इस पर एसटीएफ ने साईं फार्मा के खिलाफ डालनवाला कोतवाली में सोमवार को केस दर्ज कराया है।
एसटीएफ नकली दवा रैकेट में अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। नए मामले में दर्ज किए गए केस में छह आरोपी बनाए गए हैं। प्रदीप कुमार और उसकी पत्नी श्रुति पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। जबकि, अन्य चारों नामजद नए आरोपी हैं। बैंक ट्रांजेक्शन के आधार केस में आरोपियों की संख्या और बढ़ सकती है। इस मामले में जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है उनमें साईं फार्मा पानीपत के मालिक प्रदीप कुमार और उनकी पत्नी श्रुति (निवासी पानीपत, हरियाणा), मोहनपुर रुड़की के शोभा त्यागी और उनके पति गौरव त्यागी, मॉस्कोस फार्मास्यूटिकल की संचालक अनुराधा (निवासी कनखल, हरिद्वार) और अभिनव शर्मा (निवासी कनखल, हरिद्वार) शामिल हैं।
प्रदीप कुमार ने अपनी पत्नी श्रुति के नाम से साईं फार्मा नाम की एक फर्म खोली थी। प्रदीप कुमार और नवीन बंसल मिलकर ब्रांडेड दवाओं के नकली आउटर बॉक्स दून के सेलाकुई में संतोष कुमार से बनवाते थे। दवाओं को पैक कराने के लिए ब्रांडेड मेडिसिन कंपनी के नाम वाले एल्यूमिनियम फॉयल बद्दी (हिमाचल प्रदेश) में विजय कुमार पांडे की फर्म एवी फॉयल से बनवाए जाते थे। इन फॉयलों में पैक करने के लिए दवाएं देहरादून के सेलाकुई और हरिद्वार जिले में स्थित फैक्ट्रियों में बनवाई जाती थीं। भिवाड़ी (राजस्थान) से दवाएं मंगवाकर वहां बिल्स्टर मशीन की मदद से पैक की जाती थीं।
पंकज शर्मा की नोबल फार्मेसी पंचकूला की एंबुलेंस की मदद से दवाओं की सप्लाई अलग-अलग राज्यों में की जाती थी। इस नेटवर्क के जरिए नकली दवाओं की सप्लाई उत्तराखंड, यूपी , राजस्थान, पंजाब, हरियाणा समेत छह राज्यों में की गई। प्रदीप कुमार द्वारा पत्नी के नाम पर बनाई गई फर्म साईं फार्मा का खाता एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में 18 अक्तूबर 2023 को खुलवाया गया था। एसटीएफ ने फर्म के पते पर जाकर सत्यापन किया, लेकिन वहां कोई ऐसी फर्म संचालित नहीं मिली।
जांच में सामने आया कि इसके अलावा अन्य राज्यों में भी साईं फार्मा से जुड़े कई बैंक खातों में रकम जमा हुई। इनका विवरण बैंक की स्टेटमेंट में दिया गया है। जांच के दौरान रकम जमा करने वाले सभी आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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