उत्तराखंड में यमुनोत्री धाम में भी गैर सनातनियों के प्रवेश पर रोक, बदरी-केदार व गंगोत्री में भी एंट्री नहीं
By सुरेन्द्र सिंह रावत
•
Jan 30, 2026 02:08
•
1 views
•
0 Comments
गंगोत्री धाम के बाद अब यमुनोत्री धाम में भी गैर सनातनियों के प्रवेश को वर्जित करने का निर्णय लिया गया है। यमुनोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों का कह...
गंगोत्री धाम के बाद अब यमुनोत्री धाम में भी गैर सनातनियों के प्रवेश को वर्जित करने का निर्णय लिया गया है। यमुनोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि आगामी अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान धाम में नियम लागू कर दिया जाएगा। वहीं प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज सहित अन्य संतों के साथ हुए दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की।
यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि यूपी के प्रयागराज में जिस तरह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान करने से रोका गया उससे सनातनियों की धार्मिक भावना को ठेस पहुंची है। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यह सनातन धर्म के खिलाफ है और सनातन धर्म के प्रहरियों की आवाज दबाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा सनातन की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार हैं। यमुनोत्री धाम में भी गैर सनातनियों के प्रवेश को वर्जित करने का निर्णय लिया गया है। इस बार चारधाम यात्रा के दौरान धाम में नियम लागू कर दिया जाएगा। उसके बाद किसी भी गैर सनातनी को धाम के आसपास प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। इस मौके पर बड़कोट व्यापार मंडल महामंत्री सोहन गैरोला भी रहे।
बदरीनाथ, केदारनाथ धाम के अलावा बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अधीन आने वाले 45 से ज्यादा मंदिरों में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित होगा। बीकेटीसी की ओर से आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा। तीर्थ की मर्यादा बनाए रखने के लिए श्रीगंगा सभा ने हर की पैड़ी समेत कई घाटों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश को निषेध कर दिया। इस बारे में विभिन्न जगहों पर बैनर व बोर्ड लगा दिए गए हैं। श्रीगंगा सभा ने ब्रिटिश हुकूमत में लागू म्यूनिसपल एक्ट के तहत यह कदम उठाया है। बोर्ड में स्पष्ट रूप से चेतावनी लिखी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
हरकी पैड़ी समेत मालवीय द्वीप व अन्य घाटों पर लगे इन बैनरों की शुक्रवार को लोगों को चर्चा रही। इसमें श्रीगंगा सभा ने स्पष्ट तौर पर लिख दिया कि घाटों पर किसी तरह से फिल्मी गीत पर वीडियो या रील्स बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि किसी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इस तरह के वीडियो प्रसारित होते दिखे तो उसके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी। मामले को लेकर प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। वहीं व्यापारी से लेकर आमजन इसे सनातन की रक्षा में उठाया गया कदम बता रहे हैं।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
Comments (0)
No comments yet. Be the first to share your thoughts!