हरिद्वार में प्रतीक यादव की अस्थि विसर्जन में भावुक हुई मासूम बेटियों ने पिता के लिए प्यार भरा कार्ड गंगा में बहाया,लोग हुवे भावुक
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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May 16, 2026 17:01
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समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की अस्थियों का शनिवार को हरिद्वार के वीआईपी घाट पर पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों और वैदि...
समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की अस्थियों का शनिवार को हरिद्वार के वीआईपी घाट पर पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां गंगा में विसर्जन किया गया। प्रतीक यादव का 13 मई को लखनऊ में आकस्मिक निधन हो गया था। शनिवार को उनकी पत्नी अपर्णा यादव, पुत्रियां प्रथमा और पद्मजा, अपर्णा के पिता अरविंद सिंह बिष्ट तथा भाई अमन सिंह बिष्ट अस्थि कलश लेकर जॉलीग्रांट पहुंचे, जहां से परिवार हरिद्वार पहुंचा।
प्रतीक का परिवार एयरपोर्ट से सीधे हरिद्वार के वीआईपी घाट पर पहुंचा। यहां तीर्थ पुरोहित पंडित शैलेश मोहन पांडेय ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजन और पिंडदान की प्रक्रिया संपन्न कराई। इसके बाद परिवारजनों ने मां गंगा में अस्थियां प्रवाहित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान पत्नी अपर्णा यादव दोनों बेटियों के साथ फूट-फूट कर रोईं। अस्थि विसर्जन के दौरान योगगुरु बाबा रामदेव भी मौजूद रहे। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की। इस मौके पर समाजवादी पार्टी के समर्थकों सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे और सभी ने प्रतीक यादव को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
हरकी पैड़ी के वीआईपी घाट पर शनिवार को जब दिवंगत प्रतीक यादव की अस्थियों का गंगा में विसर्जन किया जा रहा था, तब वहां मौजूद हर शख्स की नजर एक छोटी बच्ची के हाथ में पकड़े कार्ड पर टिक गई। सात साल की पद्मजा अपने पिता के लिए लखनऊ से एक हाथ से बना कार्ड साथ लेकर आई थी, जिस पर बड़े अक्षरों में लिखा था ‘आई लव यू पापा’। मासूम बेटी उस कार्ड को पूरे समय अपने सीने से लगाए रही और गंगा तट पर बैठकर लगातार रोती रही। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर गया। बेटी ने आई लव यू पापा कहकर कार्ड गंगा में प्रवाहित किया। पूरे कर्मकांड के दौरान पद्मजा बार-बार अपनी मां अपर्णा यादव से लिपट जाती। कभी वह कार्ड को देखती तो कभी गंगा की ओर टकटकी लगाए बैठ जाती।
मां अपर्णा खुद भी गहरे दुख में थीं, लेकिन बार बार बेटी को संभालने की कोशिश करती रहीं। कई बार उन्होंने पद्मजा के आंसू पोंछे, उसे चुप कराया, लेकिन पिता को खोने का दर्द मासूम चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था। अस्थि विसर्जन के समय बड़ी बेटी प्रथमा भी बेहद भावुक नजर आईं। वह चुपचाप परिवार के साथ खड़ी रहीं और बार बार अपनी छोटी बहन को संभालती दिखीं। घाट पर मौजूद कई लोगों की आंखें उस समय भर आईं, जब पद्मजा ने कार्ड को अपने हाथों से गंगा की ओर बढ़ाया। आसपास खड़े लोग उस कार्ड को देख रहे थे, जिसमें एक बेटी का अपने पिता के लिए निश्छल प्रेम झलक रहा था। वैदिक मंत्रोच्चार और गंगा आरती के बीच पूरा माहौल शोक में डूबा रहा।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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