उत्तराखंड

देहरादून में नगर निगम का गजब का खेल,ठेकेदार ने सड़क एक बनाई, पैसा दो का दे दिया

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Dec 07, 2025 03:46 1 views 0 Comments
देहरादून में नगर निगम का गजब का खेल,ठेकेदार ने सड़क एक बनाई, पैसा दो का दे दिया

देहरादून नगर निगम के अधिकारी ठेकेदारों पर मेहरबान हैं। नगर निगम के इंदिरापुरम वार्ड स्थित राज एन्क्लेव साईंलोक कालोनी में पिछले बोर्ड के कार्यकाल में...

देहरादून नगर निगम के अधिकारी ठेकेदारों पर मेहरबान हैं। नगर निगम के इंदिरापुरम वार्ड स्थित राज एन्क्लेव साईंलोक कालोनी में पिछले बोर्ड के कार्यकाल में एक सड़क नए सिरे से बनाई जानी थी। लेकिन यह महज कागजों में ही बनी। मौके पर सड़क निर्माण का बोर्ड भी लगा दिया गया और नगर निगम प्रबंधन ने भुगतान भी करवा दिया। नगर आयुक्त ने संबंधित ठेकेदार को रिकवरी नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं पाया गया तो ब्लैकलिस्ट करने की भी चेतावनी दी है।

सूत्रों के मुताबिक वार्ड 41 राज एन्क्लेव साईंलोक कालोनी में क्रमश: 125 मीटर और 175 मीटर सड़क का निर्माण होना था। नगर निगम को शिकायत मिली है कि जो सड़क 125 मीटर बननी थी, वह 140 मीटर बनी है। 175 मीटर प्रस्तावित रोड अब तक नहीं बनी, जबकि इसे पिछले निकाय चुनाव से पूर्व बनाया जाना था। हैरानी की बात तो यह है कि मौके पर सीसी सड़क के निर्माण का बोर्ड भी लगा दिया गया। इसमें निर्माण की तारीख 2024-2025 दर्शायी गई है जिसमें सड़क और नाली निर्माण का कार्य पूरा होने का जिक्र किया गया है। कागजों पर काम पूरा दर्शाकर दो सड़कें बनाने के लिए करीब बीस लाख रुपये का भुगतान भी हो गया। इस पूरे मामले की परतें तब खुली, जब नए पार्षद और निगम के लोक निर्माण अनुभाग से क्षेत्रवासियों ने सड़क नहीं बनने को लेकर जवाब मांगा। यह मामला नगर आयुक्त नमामी बंसल के पास पहुंचा जिसके बाद उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों से जानकारी ली। उन्होंने प्रारंभिक जांच के बाद मामले में जांच बैठा दी है। वहीं, नियम विरुद्ध भुगतान को लेकर एक तरफ ठेकेदार पर ब्लैकलिस्ट होने की तलवार लटक गई है, उसे निगम ने साढ़े पांच लाख रुपये की रिकवरी करने का नोटिस भेजा है।

नगर निगम क्षेत्र में सड़क नहीं बनने के बाद भुगतान होने से कई सवाल खड़े हुए हैं। प्रावधान के तहत भुगतान से पहले साइट विजिट की जाती है और इसके बाद इंजीनियरों की ओर से काम की प्रगति को लेकर रिपोर्ट दी जाती है। इस मामले में इंजीनियरों की ओर से लापरवाही क्यों बरती गई, इसे लेकर बड़े सवाल उठ रहे हैं। नगर आयुक्त देहरादून नमामी बंसल का कहना है कि स्थानीय लोगों और पार्षद की ओर से शिकायत प्राप्त हुई थी। संबंधित अनुभाग से विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। ठेकेदार को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि विभागीय स्तर से लापरवाही हुई होगी तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।

पूर्व में नगर आयुक्त रहे आईएएस मनुज गोयल ने अपने कार्यकाल के दौरान ऐसी सड़कों के टेंडर निरस्त कर दिए थे। जो विधायक निधि से नई बनी थी और इसके बावजूद निगम में भी टेंडर लगाया गया। यदि अफसर ने लापरवाही नहीं पकड़ी होती तो बिना काम करवाए ही लाखों रुपये मिलीभगत कर डकार लिए जाते। उधर मालसी वार्ड से सटे एक नामी होटल की सड़क बनाने पर भी लाखों रुपये का बजट खर्च किया गया, जबकि सड़क गांव के लिए बनाई जानी थी।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

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Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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