उत्तराखंड

उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग  में नकल कराने के लिए 16 लाख में हुई थी डील, एसटीएफ ने दो मुन्नाभाई किए गिरफ्तार

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Aug 19, 2024 08:40 1 views 0 Comments
उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग  में नकल कराने के लिए 16 लाख में हुई थी डील, एसटीएफ ने दो मुन्नाभाई किए गिरफ्तार

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड द्वारा सभी प्रकार की राज्य स्तरीय से...

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड द्वारा सभी प्रकार की राज्य स्तरीय सेवाओं की भर्ती परीक्षा को पारदर्शी व ढंग से संपन्न कराए जाने हेतु सभी जांच एजेंसी को पूर्व में ही कड़े दिशा निर्देश निर्गत किए गए हैं, जिसके अनुपालन उत्तराखंड एसटीएफ ने द्वारा भी सभी भर्ती परीक्षाओं में किसी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने और सुचिता बनाए रखने के लिए अपनी सतर्क निगरानी रख रहे है।

उत्तराखंड एसटीएफ को सूचना मिली थी कि जनपद मेरठ उत्तर प्रदेश का रहने वाला एक व्यक्ति उधम सिंह जिसका भर्ती परीक्षा में नकल कराकर पास कराने का अपना एक गिरोह है, जो भिन्न-भिन्न राज्यों में समय समय पर आयोजित होने वाली अलग-अलग प्रकार की परीक्षाओं में अपने साथियों के साथ परीक्षा में नकल कराकर पैसे लेकर अभ्यर्थियों को पास कराता है| इस व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली कि यह व्यक्ति अपने एक साथी के साथ दिनांक 18.08.2024 को आयोजित की गई उत्तराखंड अधीनस्थ चयन आयोग की सहायक टीचर /एल०टी० की भर्ती परीक्षा में एक परीक्षार्थी की जगह अपने साथी (सॉल्वर) को बिठाकर उसकी परीक्षा दिलवाएगा।

इस एबज में 16 लाख में सौदा तय किया गया है। उधम सिंह के सम्बन्ध में जानकारी यह भी मिली कि उधम पूर्व में भी फर्जी भर्ती कराने के अपराध में अपने साथियों के साथ थाना ब्रह्मपुरी जनपद मेरठ उत्तर प्रदेश से जेल जा चुका है, इस सूचना पर एसटीएफ द्वारा गहनता से जांच शुरू की गई तथा उपरोक्त दोनों अपराधियों को पकड़ने के लिए अपनी एसटीएफ टीमों को हरिद्वार में तैनात कर दिया गया तथा इस दौरान इन एसटीएफ टीमों द्वारा नकल गिरोह की सरगना उधम सिंह एवं उसके अन्य साथी की के संबंध में काफी सूचना एकत्रित कर ली गई।

जिनके आधार पर दिनांक 18.08.2024 को हरिद्वार मायापुर स्थित परीक्षा केन्द्र एस०वी०एम० इण्टर कॉलेज के बाहर से इस गिरोह का मास्टरमाइंड/ सरगना उधम सिंह एवं उसके बिहार के रहने वाले साथी अनुपम कुमार, जो कि परीक्षार्थी की जगह बैठकर पेपर सॉल्व करने वाला था,दोनों को इस परीक्षा में गड़बड़ी करने से पहले ही गिरफ्तार कर अभियुक्तों के विरुद्ध उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती परीक्षा में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय) अधिनियम 2023 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराकर कल देर रात कोतवाली हरिद्वार में दाखिल किया गया है।

एसटीएफ टीम द्वारा पूछताछ करने पर अभियुक्त उधम सिंह ने बताया कि मैंने यूके एसएसएससी की सहायक टीचर भर्ती परीक्षा(एलटी) परीक्षा में पेपर साल्व कराने के लिये अनुपम कुमार को बिहार से बुलाया था,कुछ रोज पहले दिनांक 18 8.2024 को उत्तराखंड में आयोजित होने वाली उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की LT भर्ती परीक्षा के लिए कुलदीप नाम के कैंडिडेट के संबंध में उसके रिश्तेदार सचिन से मेरी बात चल रही थी जिसने मुझे परीक्षा केंद्र सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज हरिद्वार में कुलदीप के बजाय अन्य परीक्षार्थी से परीक्षा दिलवाकर पास करने की वजह के लिये 16 लाख रू० देने का करार हुआ था।

जिस पर मैने कुलदीप सिंह का प्रवेश पत्र एवं आधार कार्ड प्राप्त कर उसके स्थान पर अपने दोस्त अनुपम कुमार जो पटना बिहार का रहने वाला है, से परीक्षा दिलाने की योजना बनाई जिसके लिये परीक्षा के बाद मैं अनुपम को 04 लाख रू०देने थे । इस पर आज योजना के अनुसार हम दोनो यहाँ पर कुलदीप सिंह की जगह परीक्षा देने के लिये आये थे| हमारे द्वारा प्रवेश पत्र पर कुलदीप सिंह की जगह अनुपम का फोटो प्रिन्ट कर प्रवेश पत्र तैयार किया गया ताकि उसको आसानी से अन्दर परीक्षा हॉल में जाने का मौका मिल जाये और हम परीक्षा को पास करा सके।

जिसके एवज में मुझे चार लाख रुपए आज ही सचिन से लेने थे कि उससे पहले आप लोगों ने हमें पकड़ लिया। जिसने परीक्षा केन्द्र में जाकर कुलदीप सिंह नाम के व्यक्ति के बदले पेपर देना था एवं इसकी एवज में मुझे पेपर के बाद 04 लाख रू० व चयन होने के उपरान्त 12 लाख रू0 कुल 16 लाख रू० मिलने थे। जिसमें सचिन नाम के व्यक्ति से मेरी बात हुई थी, इसमें पेपर क्लीयर कराकर नौकरी दिलाने तक का सारा काम मेरा था। मेरी अपनी हर जगह सेटिंग है।

उसी सेटिंग के तहत आज मैं हम यहाँ आये थे। अधिक उधम सिंह द्वारा यह भी बताया गया कि वर्ष 2023 में दिनांक 28.5.2023 मैं यूपी में आयोजित होने वाली VDO की परीक्षा के लिए मैंने अपने खुद के भाई संदीप के लिए पेपर की व्यवस्था की थी,जो मुझे राहुल जो गाजियाबाद उत्तर प्रदेश का रहने वाला है, ने सॉल्व करके मेरे मोबाइल पर पहले ही भेज दिया था जिसे लिये एसटीएफ मेरठ द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उन्हें मेरे फोन से सॉल्व पेपर भी बरामद किया था। पूछताछ में पकड़े गए अभियुक्त उधम सिंह एवं अनुपम कुमार से गिरोह के बारे में काफी सारी जानकारियां एसटीएफ को प्राप्त हुई है जिन पर एसटीएफ आगे की कार्रवाई की योजना बना रही है।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

Verified Reporter

Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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