हेली हादसों पर BJP प्रभारी दुष्यंत गौतम के बयान से चढ़ा कांग्रेस का पारा, फूंका पुतला
By सुरेन्द्र सिंह रावत
•
Jun 17, 2025 12:26
•
1 views
•
0 Comments
उत्तराखंड के केदारनाथ हेलीकॉप्टर हादसे पर विवादित बयान देने वाले भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम के खिलाफ आक्रो...
उत्तराखंड के केदारनाथ हेलीकॉप्टर हादसे पर विवादित बयान देने वाले भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है, कांग्रेस ने मंगलवार को दुष्यंत गौतम का पुतला फूंका और उनके बयान को निंदनीय बताया।
देहरादून शहर के किशन नगर चौक पर कांग्रेस ने दुष्यंत कुमार पर केदारनाथ हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर अनर्गल बयानबाजी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका पुतला फूंकते हुए कहा कि यह विरोध प्रदर्शन दुष्यंत गौतम के उस बयान को लेकर था, जो उन्होंने केदारनाथ हवाई हादसे के बाद दिया था।
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष डॉ0 जसविंदर सिंह गोगी ने कहा कि उन्होंने बड़ी ही लापरवाही से यह कह दिया कि 'मारे गए तो क्या करें, दुख है, पर क्या आप कोई ऐसा हेलीकॉप्टर बना सकते हैं जिससे दुर्घटना ना हो सके, गोगी ने कहा कि दरअसल, भाजपा को आम जनमानस की जान से कोई सरोकार नहीं रहा है, जब से चारधाम यात्रा शुरू हुई है, पांच हवाई हादसे से हो चुके हैं, उन हादसों में 13 लोगों की मौत हो गई है जिसमें 23 माह की मासूम भी शामिल है।
कांग्रेस का कहना है कि पहले से ही सरकार को यह चेताया जा रहा था कि हेली सेवा प्रदान करने वाली कंपनियां मनमानी कर रही हैं, हवाई सेवाओं में मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है, लेकिन सरकार की हठधर्मिता का परिणाम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हेली सेवा संचालित करने वाली कंपनियां सिंगल इंजन के हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करती हैं, जो पहाड़ी एरिया के लिए बिल्कुल भी अनुकूल नहीं होता है, हवाई सेवा प्रदान करने वाली कंपनियां मानकों का खुलेआम उल्लंघन कर रही हैं और यही वजह है कि हादसे हो रहे हैं, चारधाम यात्रा, देवभूमि की साख का प्रतीक रही है और हमारे सम्मान और मन से जुड़ी है, पूरे विश्व से लोग यहां आते हैं, किंतु भाजपा सरकार को देव भूमि के मान-सम्मान की जरा भी चिंता नहीं है।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
Comments (0)
No comments yet. Be the first to share your thoughts!