यूपी से आकर फैलाया ठगी का जाल, फर्जी खातों में भरी रकम; छह युवक गिरफ्तार
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Jan 31, 2025 05:27
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फर्जी आधार कार्ड और जाली नाम पते से जारी सिम के जरिये बैंक में चालू खाता खोलकर उसमें साइबर ठगी की रकम जमा कर निकालने वाले गिरोह का मुखानी पुलिस और एस...
फर्जी आधार कार्ड और जाली नाम पते से जारी सिम के जरिये बैंक में चालू खाता खोलकर उसमें साइबर ठगी की रकम जमा कर निकालने वाले गिरोह का मुखानी पुलिस और एसओजी ने पर्दाफाश किया है। मुखानी इलाके से गिरफ्तार किए गए गिरोह के सभी छह युवक यूपी के लखनऊ, देवरिया और शाहजहांपुर के हैं। उनसे एक दर्जन सिम कार्ड, कई मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड और डेबिट कार्ड भी मिले हैं। एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता में इस गिरोह के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मुखानी के चौपला चौराहा के निकट तारा कॉम्प्लेक्स के एक कमरे में बाहर से आकर ठहरे कुछ युवकों के बारे में जानकारी मिली थी। पता चला था कि वे फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाकर बैंक में खाता खुलवाकर साइबर क्राइम कर रहे हैं। एसपी सिटी प्रकाश चंद्र के नेतृत्व में एसओजी टीम के प्रभारी संजीत राठौड़ तथा मुखानी थानाध्यक्ष विजय मेहता की टीम ने वहां छापा मारा। कॉम्प्लेक्स मालिक वीरेंद्र मेहरा के साथ कमरा खुलवाया तो उसमें छह व्यक्ति मौजूद थे। उनसे बैंकों में एकाउंट खोलने के फार्म, मुहर, आधार कार्ड, उद्यम विभाग के फर्जी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और अन्य सामग्री मिली।
गिरफ्त में आए लोगों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वे लोग फर्जी आधार कार्ड बनाकर शहर में दुकानों के फोटो खींचकर उद्यम विभाग में फर्जी रजिस्ट्रेशन कराते हैं। इन्हीं प्रमाण पत्र के आधार पर अलग-अलग बैंकों में खाता खुलवाते थे। गिरोह के सदस्य डेबिट, चेकबुक सरगना चार्ली उर्फ केके को देते थे। इसके बदले वह उन्हें 25 हजार रुपये नकद देता था। बाद में रुपये के लेने-देन पर भी 10 से 15 प्रतिशत रकम मिलती थी। चार्ली के संपर्क में इस तरह के कई गिरोह हैं। वह ही फर्जी आधार कार्ड व उद्यम विभाग के सर्टिफिकेट बनाता था। उसकी तलाश में टीम लगा दी गई है।
पुलिस ने मास्टरमाइंड राघवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रघु समेत छह को गिरफ्तार किया है। राघवेंद्र (29) देवरिया की सदर कोतवाली के गांव देवरिया मीर का रहने वाला है। उसके अलावा लखनऊ के बांग्ला बाजार स्थित कांशीराम कॉलोनी के लकी व रॉकी, लखनऊ के ही कैंट सदर के राजीव गांधी नगर निवासी रोहन खान व आकाश सिंह, लखनऊ के गौतमपल्ली थाना क्षेत्र के बदरियाबाद में रह रहे शाहजहांपुर की ओसीएफ फैक्टरी का मूल निवासी दीपक गिरफ्तार किए गए। उन पर धोखा देकर दूसरे को बहकाना, जान बूझकर दस्तावेज की नकली प्रति तैयार करना, जान बूझकर झूठे दस्तावेज तैयार करना व समूह बनाकर कार्य करने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई गई है। पर्दाफाश करने वाली टीम को एसएसपी ने ढाई हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया।
मास्टरमाइंड राघवेंद्र प्रताप ही गिरोह में शामिल लोगों की मदद करता था। उसने हल्द्वानी में बैंक ऑफ बड़ौदा की कालाढूंगी रोड शाखा में फर्जी दस्तावेज के आधार पर रोहन खान का खाता खुलवाया था। ये लोग चार से पांच खाते और खोलने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस ने दबोच लिया। कॉम्प्लेक्स मालिक वीरेंद्र मेहरा ने बिना पुलिस सत्यापन के किराएदारों को रखा था। उसे चेतावनी देते हुए दस हजार रुपये का चालान किया गया। भविष्य में बिना सत्यापन किरायेदार न रखने की चेतावनी दी गयी है।
राघवेंद्र प्रताप से चार फर्जी मुहर, फर्जी प्रेस कार्ड, पांच प्री-एक्टिवेटेड सिम, फर्जी खाते में 143000 रुपये के लेन-देन का विवरण, उद्यम विभाग का फर्जी रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र, बैंक खाता खोलने का फॉर्म, धोखाधड़ी में प्रयुक्त चार मोबाइल सिम, बैकों के डेबिट कार्ड, दो ब्लैंक चेक, 2000 नकद मिले। लकी, रोहन खान, आकाश, दीपक और रॉकी से भी धोखाधड़ी में प्रयुक्त कई मोबाइल सिम, फर्जी आधार और पेन कार्ड बरामद हुए।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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