पंचायत चुनाव में फेल भाजपा नेताओं की होगी छंटनी, 2027 में भुगतना होगा खामियाजा
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Aug 30, 2025 16:06
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उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी में कई बदलाव को लेकर चर्चाएं हैं, ऐसे में एक चर्चा, पार्टी द्वारा बनाई जा रही कमजोर विधायकों की लिस्ट की भी है,दरअसल...
उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी में कई बदलाव को लेकर चर्चाएं हैं, ऐसे में एक चर्चा, पार्टी द्वारा बनाई जा रही कमजोर विधायकों की लिस्ट की भी है,दरअसल, हाल ही के पंचायत चुनाव के परिणाम भाजपा के पक्ष में उतने नहीं रहे, जितने की उम्मीद की जा रही थी,हालांकि, जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख के ज्यादतर पद भाजपा अपने पक्ष में करने में कामयाब रहे लेकिन जिन विधानसभाओं में भाजपा को करारी हार मिली, वहां भाजपा अपने विधायकों पर नजर टेढ़ी कर सकती है और 2027 में टिकट आवंटन को जोड़कर भी देख सकती है।
पंचायत चुनावों में भाजपा भले ही 12 में से 11 जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट जीती हो, लेकिन इस जीत का आकलन किया जाए तो कई विधान सभओं में भाजपा के विधायकों की करारी हार हुई है, कई विधायक अपने विधानसभाओं के जिला पंचायत की सीटें बचाने में नाकामयाब रहे, दरअसल, 2027 विधानसभा की सियासी जंग से ठीक पहले हुए पंचायत चुनावों को भाजपा ने सेमीफाइनल की तरह लड़ा, विधानसभा में विधायकों को, तो जिला लेवल पर मंत्रियों को जिम्मेदारी को सौंपी गई थी, लेकिन, जमीनी हकीकत ने कई चेहरों से जीत का मुखौटा उतार दिया।
देहरादून को छोड़ शेष जिला पंचायतों की कुर्सी तो बीजेपी ने जीत ली, लेकिन विधानसभा लेवल पर कई विधायक जनता की कसौटी पर बुरी तरह फेल हो गए, अब पार्टी ने इन फेल चेहरों का रिपोर्ट कार्ड बना लिया है।
- भूपाल राम टम्टा (जिला चमोली, विधानसभा थराली): जिला पंचायत की 11 में 9 सीटें गंवाई, ब्लॉक प्रमुख की 4 में से 2 सीट भी हाथ से गई।
- अनिल नौटियाल (जिला चमोली, विधानसभा कर्णप्रयाग): जिला पंचायत सदस्य की 7 में से 5 सीटों पर हार.
- आशा नौटियाल (जिला रुद्रप्रयाग, विधानसभा केदारनाथ): 8 में 8 सीटों पर सूपड़ा साफ।
- शक्ति लाल शाह ( जिला टिहरी गढ़वाल, विधानसभा घनसाली): 9 में 7 सीटों पर हार।
- प्रीतम सिंह पंवार (जिला टिहरी गढ़वाल, विधानसभा धनौल्टी): 9 में 7 सीटों पर हार।
- मुन्ना सिंह चौहान (जिला देहरादून, विधानसभा विकासनगर): 6 में से 5 सीटों पर हार।
- बृज भूषण गैरोला (जिला देहरादून, विधानसभा डोईवाला): एक भी सीट नहीं जीत पाए. ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी भी गई।
- मंत्री सतपाल महाराज (जिला पौड़ी गढ़वाल, विधानसभा चौबट्टाखाल: 6 में से 4 सीटों पर हार, तीनों ब्लॉक भी गंवाए।
- फकीर राम टम्टा (जिला पिथौरागढ़, विधानसभा गंगोलीहाट): 9 में से 8 सीटें हाथ से गई. दोनों ब्लॉक भी हारे।
- मोहन सिंह माहरा (जिला अल्मोड़ा, विधानसभा जागेश्वर): 9 में 8 सीटों पर शिकस्त।
- सरिता आर्य (जिला नैनीताल, विधानसभा नैनीताल): 7 में सिर्फ 1 सीट जीत पाई।
पार्टी अब इस रिपोर्ट कार्ड की गहराई से समीक्षा करने वाली है, साथ विधायकों से हार की वजह पूछी जाएगी और नए टारगेट दिए जाएंगे, कुल मिलाकर पंचायत चुनावों की इस रिपोर्ट कार्ड ने बीजेपी की अंदरूनी सियासत में हलचल मचा दी है, ऐसे में लग रहा है कि विधायकों के इस रिपोर्ट कार्ड को भी 2027 के लिए आधान माना जा सकता है
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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