ऑपरेशन कालनेमि में पुलिस के हत्थे चढ़ा बांग्लादेशी नागरिक, अवैध रूप से रहकर चला रहा था बंगाली क्लीनिक
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Sep 01, 2025 04:39
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ऑपरेशन कालनेमि के तहत देहरादून के थाना सेलाकुई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देहरादून में अवैध रूप से रह रहे 1 बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया...
ऑपरेशन कालनेमि के तहत देहरादून के थाना सेलाकुई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देहरादून में अवैध रूप से रह रहे 1 बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है, अपनी पहचान छिपाकर देहरादून में अवैध रूप से रह रहा बांग्लादेशी नागरिक बंगाली डॉक्टर के रूप में काम कर रहा था, साथ ही बांग्लादेशी नागरिक के पास से 1 फर्जी आधार कार्ड, फर्जी पैन कार्ड और फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुआ है, आरोपी से एलआईयू, स्पेशल ब्रांच, एसओजी और स्थानीय पुलिस के साथ आईबी के द्वारा पूछताछ की जा रही है।
दरअसल, एसएसपी को सेलाकुई क्षेत्र में 1 बांग्लादेशी नागरिक के अपनी पहचान बदलकर अवैध रूप से रहने की सूचना मिली, मिली सूचना पर एसएसपी ने एलआईयू देहरादून को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए, जिस पर एलआईयू यूनिट सहसपुर की टीम ने सेलाकुई क्षेत्र में सत्यापन अभियान चलाते हुए संदिग्ध व्यक्ति के संबंध में जानकारी ली।
जानकारी के आधार पर ग्राम कैंचीवाला धूमनगर चौक सेलाकुई से एक बंगाली डॉक्टर अमित कुमार को हिरासत में लिया गया, जिससे पूछताछ में पहले उसने अपना नाम अमित कुमार निवासी पश्चिम बंगाल बताया, लेकिन उसके बाद आरोपी ने अपना वास्तविक नाम चयन अधिकारी मूल रूप बांग्लादेश के होने की जानकारी दी, आरोपी के पास से पुलिस को भारत में अवैध तरीके से बनाए गए दस्तावेज आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुआ है, साथ ही बांग्लादेशी नागरिक को अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर निवास करने के अपराध में गिरफ्तार किया गया, जिसके खिलाफ थाना सेलाकुई में विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
थाना सेलाकुई प्रभारी पी ड़ी भट्ट ने बताया है कि आरोपी चयन अधिकारी साल 2017-18 में बेनापोल बॉर्डर, उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल से बांग्लादेशी पासपोर्ट पर भारत आया था, जहां से वह संभल, उत्तर प्रदेश अपने ताऊ शंकर के पास मोहमदपुर पहुंचा, जो बंगाली डॉक्टर के नाम से क्लीनिक चलाते थे, आरोपी ने भारत में छिपे रहने के उद्देश्य से अपने ताऊ के पास मेडिकल प्रैक्टिशनर के रूप में काम सीखा और अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर अवैध तरीके से अमित कुमार नाम से आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस आदि दस्तावेज बनवा लिए।
साल 2022 में आरोपी के ताऊ की मृत्यु होने के बाद पकड़े जाने के डर से आरोपी ने अपना बांग्लादेशी पासपोर्ट जला दिया और अलग-अलग स्थानों पर भारतीय पहचान पत्र के आधार पर काम करने लगा, पिछले कुछ महीनों से आरोपी सेलाकुई में आकर अवैध रूप से बंगाली क्लीनिक चला रहा था।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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