अल्मोड़ा

भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम हेतु जागरूकता कार्यशाला आयोजित

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Dec 09, 2025 10:35 1 views 0 Comments
भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम हेतु जागरूकता कार्यशाला आयोजित

भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में दिनांक 09 दिसम्बार 2025 को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम हेतु जागरूकता कार्यशाला आ...

भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में दिनांक 09 दिसम्बार 2025 को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम हेतु जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गयी। इस अवसर पर मुख्य वक्ता मीता उपाध्याय, सुधा संगठन की सलाहकार एवं महिला कल्याण संस्था अल्मोड़ा की संरक्षक रहीं।कार्यक्रम का शुभारम्भ वंदे मातरम गीत तदुपरान्त परिषद गीत से किया गया। संस्थान के निदेशक डॉ0 लक्ष्मी कान्त ने मुख्य वक्ता मीता उपाध्याय का स्वागत करते हुए सभी को इस कार्यशाला के उद्देश्य एवं रूपरेखा से परिचित कराया। उन्होंने कार्यस्थल पर सुरक्षा और गरिमा को संस्थान की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक बताते हुए ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों की निरंतरता पर बल दिया।

उन्‍होंने कहा कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम एक महत्वपूर्ण विषय है जिसके बारे में पुरूष एवं महिला दोनों को जानकारी होनी चाहिए। पुरूष जहां इस हेतु जागरूक होंगे वहीं महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी भी इस कार्यशाला के माध्यम से हो सकेगी। उनके अनुसार समाज में महिला पुरूष को बराबर का अधिकार होना चाहिए। डॉ0 कान्त ने कहा कि कार्यस्थल पर ही नहीं अपितु हमारे दिन-प्रतिदिन के जीवन में भी यदि हम इस विषय पर जागरूक रहेंगे तो वास्तविक रूप में अपने समाज के स्तर को सुधारने में सफल होंगे। कार्यशाला की मुख्य वक्ता मीता उपाध्याय ने प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर महिला यौन उत्पीड़न कानून, लैंगिक समानता एवं लैंगिक संवेदनशीलता आदि पर उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अत्यन्त रोचक तरीके से जानकारी दी। उन्होंने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (POSH Act, 2013) से संबंधित प्रावधानों, आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका, कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उपायों तथा संवेदनशीलता-आधारित व्यवहार से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

मुख्य वक्ता ने वास्तविक उदाहरणों, केस-स्टडीज़ तथा सहभागिता-आधारित गतिविधियों के माध्यम से कर्मचारियों को जागरूक करते हुए कार्यस्थल पर सम्मानजनक, सुरक्षित एवं समावेशी वातावरण बनाए रखने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। कार्यशाला में संस्थान के फसल सुधार प्रभाग के प्रभागाध्य्क्ष डॉ. निर्मल कुमार हेडाऊ, फसल सुरक्षा प्रभाग के प्रभागाध्य‍क्ष डॉ0 कृष्ण कान्त मिश्रा, आन्त रिक समिति की अध्यक्षा डॉ0 अनुराधा भारतीय, महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा डॉ0 कुशाग्रा जोशी के अतिरिक्त आंतरिक समिति एवं महिला प्रकोष्ठ के सदस्य, समस्त वैज्ञानिक, तकनीकी, प्रशासनिक एवं कुशल सहायक वर्ग के कार्मिकों के साथ-साथ संस्थान में कार्यरत दैनिक श्रमिकों सहित कुल 155 प्रतिभागी उपस्थित रहे। कार्यशाला का समन्वयन डॉ0 अनुराधा भारतीय एवं डॉ0 कुशाग्रा जोशी द्वारा तथा संचालन  निधि सिंह एवं धन्यवाद प्रस्ताव डॉ0 निर्मल कुमार हेडाऊ द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में संस्थान के कृषि विज्ञान केन्द्र चिन्यालीसौड़ एवं बागेश्वर के सभी कार्मिक भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

Verified Reporter

Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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