जमीन दिलाने के नाम पर आर्मी के जवान से लाखों की धोखाधड़ी, कुमाऊं कमिश्नर के निर्देश पर मुकदमा दर्ज
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Dec 18, 2024 05:50
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हल्द्वानी में जमीन दिलाने के नाम पर आर्मी के जवान से 22.50 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के निर्देश पर पुलिस न...
हल्द्वानी में जमीन दिलाने के नाम पर आर्मी के जवान से 22.50 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के निर्देश पर पुलिस ने प्रापर्टी डीलर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है, आरोप है कि प्रापर्टी डीलर ने जमीन के रुपये लेने के चार साल तक रजिस्ट्री नहीं की और लंबे समय से टालमटोल की जा रही है।
नैनीताल के ग्राम बड़ौन निवासी किशन सिंह चिलवाल ने बताया कि वह जम्मू कश्मीर में आर्मी में तैनात हैं, साल 2020 में ग्राम हरिपुर कुंवर आनंदपुर हल्द्वानी निवासी जीवन सिंह पडियार से उनकी मुलाकात हुई, जीवन ने खुद को प्रापर्टी डीलर बताया और कई बीघा जमीन दिखाई, तब जीवन ने बताया कि वह जमीन बेचने का काम करता है, जो जमीन दिलाई गई, उसे अपना बताया, विश्वास में आकर आर्मी जवान ने जमीन का सौदा 22.50 लाख रुपये में कर लिया, साल 2020 में उन्होंने प्रापर्टी डीलर को पूरे रुपए दे दिए, लेकिन प्रापर्टी डीलर ने आज तक जमीन की रजिस्ट्री नहीं की।
पहले कोरोनाकाल होने के नाम पर टालमटोल किया गया और बाद में फोन उठाना भी कम कर दिया, उन्होंने इसकी शिकायत कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के जनता दरबार में पहुंचकर की थी, हल्द्वानी कोतवाल उमेश कुमार यादव ने बताया कि कुमाऊं कमिश्नर के निर्देश पर प्रापर्टी डीलर के विरुद्ध धोखाधड़ी की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर ली है, पूरे मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि हल्द्वानी में जमीन खरीद-फरोख्त के मामले में लगातार धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं, जमीनी धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने एसआईटी टीम भी गठित की है, जमीन धोखाधड़ी संबंधित धोखाधड़ी के कई मामले कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत के जनसुनवाई में आ चुके हैं, जहां कुमाऊं कमिश्नर के निर्देश पर कार्रवाई भी हुई है, उसके बावजूद भी हल्द्वानी में जमीनी धोखाधड़ी के मामले कम नहीं हो रहे हैं।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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