अल्मोड़ा पहुंचे कृषि और सैनिक कल्याण मंत्री, गणेश जोशी ने की प्रेस वार्ता सवालों से बनाई दूरी
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Feb 09, 2026 12:50
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अपने दो दिवसीय कुमाऊं दौरे पर अल्मोड़ा पहुंचे कृषि व सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय बजट पर चर्चा की।उन्होने कहा कि ये बजट भारत को आगे बढ़ा...
अपने दो दिवसीय कुमाऊं दौरे पर अल्मोड़ा पहुंचे कृषि व सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय बजट पर चर्चा की।
उन्होने कहा कि ये बजट भारत को आगे बढ़ाने वाला बजट है। इस बजट में शिक्षा में 110प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह एक राष्ट्र निर्माण का बजट है , इस बजट में देश के विकास के हर पहलु को ध्यान में रखा गया हैं, कहा कि राज्य बनने के बाद हमारी खेती कम हो गई है लेकिन उत्पादन बढ़ा है, इस बजट में कृषि क्षेत्र के लिए पूर्व से अधिक धनराशि रखी गई है, सड़क मार्ग के लिए 21 हजार करोड़ रूपये रखे गए हैं, कहा कि स्वच्छ भरत मिशन जारी रहेगा, और इस साल 500 नए सरोवर बनाए जाएंगे। जिससे मत्स्य पालन किया जाएगा, इसी प्रकार सभी विकाश कार्य के बजट को बढ़ाया गया हैं।
कहा कि 7300करोड़ बीआरओ के लिए स्वीकृत की गई है।
प्रदेश के लिए इस बजट में स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है, साथ ही ट्रेकिंग के लिए विशेष ख्याल रखा गया हैं।
1700करोड़ रु सड़क के लिए मिला है और मिलने वाला है।
प्रदेश के शिक्षा और स्वास्थ्य के बजट पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस बजट से प्रदेश की शिक्षा स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं और बेहतर होगी।
अल्मोड़ा पहुंचे कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी केंद्रीय बजट की तारीफ तो करते नजर आए, लेकिन जब पत्रकारों ने जमीनी सवाल पूछे तो मंत्री जवाब देने से बचते दिखे।
दो दिवसीय कुमाऊं दौरे के दौरान आयोजित पत्रकार वार्ता में मंत्री ने बजट को “राष्ट्र निर्माण का आधार” बताते हुए शिक्षा, कृषि, सड़क और स्वास्थ्य के लिए बढ़ी धनराशि का बखान किया। उन्होंने शिक्षा में 110 प्रतिशत बढ़ोतरी, कृषि के लिए अधिक बजट और सड़क निर्माण के लिए हजारों करोड़ की घोषणा गिनाई।
लेकिन जब मीडिया ने पूछा कि बढ़े बजट का लाभ आम किसानों, बेरोजगार युवाओं और पहाड़ी क्षेत्रों तक कब और कैसे पहुंचेगा, तो मंत्री ठोस जवाब नहीं दे पाए। जमीनी हकीकत और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर उठे सवालों पर वह असहज नजर आए।
पत्रकारों ने खेती के घटते रकबे, पलायन, खराब सड़कों और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली जैसे मुद्दों पर भी सवाल किए, लेकिन मंत्री केवल योजनाओं की फाइलों और आंकड़ों तक ही सीमित नजर आए।
वार्ता के दौरान बार-बार बजट की उपलब्धियां गिनाने वाले मंत्री जमीनी समस्याओं पर चुप्पी साधते दिखे। इससे साफ झलका कि सरकार के दावे और पहाड़ की सच्चाई के बीच अब भी बड़ा फासला बना हुआ है। कुल मिलाकर, अल्मोड़ा की पत्रकार वार्ता में मंत्री गणेश जोशी के बयान भले ही विकास के दावों से भरे रहे हों, लेकिन सवालों के सामने जवाब कमजोर नजर आए।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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