उत्तराखंड

टिहरी गड़वाल में प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Oct 25, 2025 09:10 1 views 0 Comments
टिहरी गड़वाल में प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप

गढ़वाल मंडल के टिहरी गढ़वाल जिले के घनसाली क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर स्थिति एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्...

गढ़वाल मंडल के टिहरी गढ़वाल जिले के घनसाली क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर स्थिति एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पिलखी में बच्चे को जन्म देने के बाद 22 वर्षीय रवीना कठैत की उपचार के दौरान श्रीनगर बेस अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सेम बासर निवासी रवीना कठैत पत्नी कुलदीप कठैत को गुरुवार सुबह करीब 6 बजे प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उन्हें तत्काल पीएचसी पिलखी लेकर पहुंचे, जहां सुबह करीब 8 बजे उन्होंने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।

हालांकि देर शाम रवीना की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ 108 एंबुलेंस से श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया। शुक्रवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

महिला के पति कुलदीप कठैत जो होटल में काम करते हैं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब उनकी पत्नी की तबीयत रात में ज्यादा बिगड़ी तो अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था सिर्फ वार्ड ब्वॉय ड्यूटी पर था। उन्होंने कहा कि अगर समय पर इलाज मिलता, तो मेरी पत्नी आज जिंदा होती। परिजनों ने पूरी घटना की जांच की मांग की है।

मामला ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तराखंड राज्य अपनी रजत जयंती (25 वर्ष) मनाने जा रहा है। तकनीक के युग में भी स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से पहाड़ों के लोग अब भी जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी इलाकों में प्रसव जैसी आपात स्थितियों के लिए विशेष चिकित्सक और संसाधन आज भी नदारद हैं।

डॉ0 श्याम विजय मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) टिहरी गढ़वाल ने कहा कि महिला की केस हिस्ट्री में पता चला है कि उसे पहले से हृदय संबंधी बीमारी थी और उसकी बाईपास सर्जरी भी हुई थी। परिजनों ने इस बात की जानकारी चिकित्सकों को नहीं दी थी। प्रसव सामान्य था, लेकिन 24 घंटे बाद सांस लेने में परेशानी होने पर उसे श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।गौरतलब है कि इसी पीएचसी पिलखी में 6 सितम्बर को भी एक महिला की डिलीवरी के कुछ दिनों बाद 15 सितम्बर को मौत हो गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

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Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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