चंपावत के गडकोट गांव में आकाशीय बिजली गिरने से दो मंजिला भवन ध्वस्त, क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल
By सुरेन्द्र सिंह रावत
•
Jun 01, 2026 05:22
•
1 views
•
0 Comments
उत्तराखण्ड के चंपावत जिले के दूरस्थ गडकोट क्षेत्र में रविवार को मौसम की मार ने एक गरीब किसान परिवार की जिंदगी को झकझोर कर रख दिया। सेला डाबरी गांव मे...
उत्तराखण्ड के चंपावत जिले के दूरस्थ गडकोट क्षेत्र में रविवार को मौसम की मार ने एक गरीब किसान परिवार की जिंदगी को झकझोर कर रख दिया। सेला डाबरी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक दो मंजिला भवन में भीषण आग लग गई। हादसे में भवन का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि गौशाला में बंधी एक गाय आग की चपेट में आकर जिंदा जल गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि दोपहर के समय अचानक मौसम बिगड़ने के बाद तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे डूंगर देव के भवन पर गिरी। बिजली गिरते ही भवन के निचले हिस्से में स्थित गौशाला में आग भड़क उठी। देखते ही देखते लपटों ने आसपास रखे लकड़ी, घास और अन्य सामान को भी अपनी चपेट में ले लिया।
घटना के समय मकान स्वामी की पत्नी गौशाला की ओर गई हुई थीं। अचानक हुई तेज गर्जना और बिजली गिरने से वह घबरा गईं और मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं. आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और महिला को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। स्थानीय लोगों ने बताया कि बिजली गिरने के बाद कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। ग्रामीणों ने मिलकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। आग लगने के दौरान गौशाला में बंधे पशुओं को बचाने के लिए ग्रामीणों ने तत्काल प्रयास शुरू किए। ग्रामीण एक गोवंश को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रहे, लेकिन दूसरी गाय आग और धुएं की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई।
बाद में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार मृत गाय परिवार की आजीविका का महत्वपूर्ण सहारा थी। इस नुकसान ने पहले से सीमित संसाधनों में जीवनयापन कर रहे परिवार को गहरा आर्थिक झटका दिया है। जानकारी के मुताबिक यह भवन काफी पुराना था और इसकी संरचना में देवदार व साल की लकड़ी का उपयोग किया गया था। भवन के भीतर बड़ी मात्रा में घास और अन्य ज्वलनशील सामग्री भी रखी गई थी। इसी कारण बिजली गिरने के बाद आग तेजी से फैल गई और भवन के कई हिस्सों को नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग से लाखों रुपये की संपत्ति प्रभावित हुई है। भवन के साथ-साथ पशुधन की क्षति ने परिवार को गंभीर संकट में डाल दिया है।
घटना की सूचना मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है। अधिकारी नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसके आधार पर प्रभावित परिवार को राहत और मुआवजा दिए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वह इस कठिन समय से उबर सके। लोगों का कहना है कि एक ओर पशुधन की क्षति हुई है तो दूसरी ओर भवन को भी भारी नुकसान पहुंचा है, ऐसे में परिवार को तत्काल राहत की आवश्यकता है।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
Comments (0)
No comments yet. Be the first to share your thoughts!