अल्मोड़ा

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21 वीं किस्त जारी करने के अवसर पर भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में कार्यक्रम आयोजित

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Nov 19, 2025 11:07 1 views 0 Comments
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 21 वीं किस्त जारी करने के अवसर पर भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में कार्यक्रम आयोजित

आज दिनांक 19 नवम्बर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 21 वीं किस्त जारी किए जाने के अवसर प...

आज दिनांक 19 नवम्बर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 21 वीं किस्त जारी किए जाने के अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद - विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा में एक विशेष एवं भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अल्मोड़ा नगर निगम के महापौर अजय वर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारम्भ् परिषद गीत से हुआ। इसके उपरान्त कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा कृषकों को रबी फसलों एवं सब्जियों के उत्पादन की उन्नत तकनीकी, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जैविक कृषि, जल संरक्षण तकनीकी एवं कृषि यंत्रीकरण संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। तदुपरान्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोडिशिया ट्रेड फेयर कॉम्‍प्‍लेक्‍स, कोयम्बटूर, तमिलनाडु से देश के 9.75 करोड़ से अधिक कृषकों को लगभग 18,000 करोड़ रुपये की धनराशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित करने वाले ऐतिहासिक कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया।

संस्थान के निदेशक डॉ0 लक्ष्मी कान्त ने सभी अतिथियों एवं कृषकों का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के महत्व पर प्रकाश डाला तथा किसानों से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने संस्थान द्वारा चलाए जा रहे नवाचारों, तकनीकी सहायता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी तथा कृषकों की आय दोगुनी करने के लिए संस्थान की प्रतिबद्धता से अवगत कराया।

समारोह के मुख्य अतिथि अजय वर्मा ने संस्थान को बधाई देते हुए कहा कि यह संस्थान किसानों की प्रगति हेतु सतत प्रयासरत है तथा समय-समय पर कृषि में नए अनुसंधानों से कृषकों को अवगत कराते हुए उनकी आय वृद्धि का माध्यम रहा है। उन्होंने इस ऐतिहासिक अवसर पर देश के अन्नदाताओं को नमन करते हुए बताया कि यह योजना देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए आर्थिक संबल बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि यह राशि किसानों को बीज, उर्वरक, सिंचाई सुविधाओं एवं कृषि निवेश में सहायता प्रदान करती है जिसके लिए अब उन्हें किसी के समक्ष हाथ नहीं फैलाना पड़ता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसान समृद्ध होगा तो देश समृद्ध होगा यह भावना प्रधानमंत्री के विचारों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है।

उन्होंने अपने वक्तव्य में यह भी कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के अंतिम छोर के कृषकों तक आर्थिक लाभ पहुंचाने में मील का पत्थर साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में किए जा रहे अनुसंधान एवं तकनीकी प्रसार से स्थायी कृषि विकास को बढ़ावा मिला है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय कृषकों की उत्साहजनक भागीदारी देखने को मिली। किसानों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना और योजना की आगामी किस्तों को लेकर आशान्वित दिखाई दिए। इस अवसर पर संस्थान के सभी वैज्ञानिक, अधिकारी एवं कर्मचारियों के साथ ही 330 अन्नदाता (137 महिलाएं तथा 193 पुरूष) भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ0 कामिनी बिष्ट, वरिष्ठ वैज्ञानिक तथा धन्यवाद प्रस्ताव डॉ0 कुशाग्रा जोशी, वरिष्ठ वैज्ञानिक द्वारा किया गया।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

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Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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