उत्तराखंड

आलीशान मकान, महंगी कारें व उच्च आय के बाद भी ले रहे सरकारी राशन, ऐसे 27 हजार अपात्र राशन कार्ड धारक चिह्नित

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Nov 23, 2025 01:46 1 views 0 Comments
आलीशान मकान, महंगी कारें व उच्च आय के बाद भी ले रहे सरकारी राशन, ऐसे 27 हजार अपात्र राशन कार्ड धारक चिह्नित

देहरादून में सरकारी खाद्य योजनाओं का अनुचित लाभ ले रहे अपात्र उपभोक्ताओं पर अब जिला पूर्ति विभाग सख्त कार्रवाई के मोड में आ गया है। विभाग की प्रारंभि...

देहरादून में सरकारी खाद्य योजनाओं का अनुचित लाभ ले रहे अपात्र उपभोक्ताओं पर अब जिला पूर्ति विभाग सख्त कार्रवाई के मोड में आ गया है। विभाग की प्रारंभिक जांच में ऐसे 27 हजार से अधिक राशन कार्ड धारक सामने आए हैं, जिनके पास आलीशान मकान, महंगी कारें और उच्च आय के बावजूद भी वे सस्ते सरकारी राशन का लाभ उठा रहे थे। इसके साथ ही इनकम टैक्स के दायरे में आने वाले कई लोग भी सूची में शामिल पाए गए हैं।

जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और अंत्योदय अन्न योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए संचालित की जाती हैं, जबकि राज्य खाद्य योजना के अंतर्गत भी सीमित आय वाले परिवार ही लाभार्थी होते हैं। लेकिन जांच में यह सामने आया कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग इन योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, जो पात्रता मानकों से कई गुना अधिक आय अर्जित करते हैं।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में वार्षिक आय सीमा 1.80 लाख रुपये, अंत्योदय में 15 हजार रुपये और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना में अधिकतम 4.80 लाख रुपये निर्धारित है। इसके बावजूद इन आय सीमाओं से ऊपर के परिवार भी वर्षों से सरकारी अनाज और अन्य सुविधाओं का लाभ ले रहे थे। कई अपात्र परिवार बच्चों को नामचीन स्कूलों में आरटीई के तहत निशुल्क शिक्षा दिलवा रहे थे तथा आयुष्मान योजना के लाभ भी उठा रहे थे।

डीएसओ केके अग्रवाल ने बताया कि अपात्र राशन कार्ड धारकों की पहचान की जा चुकी है और विभाग द्वारा स्वेच्छा से राशन कार्ड जमा करने की अपील की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में कार्ड न लौटाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य वास्तविक पात्र परिवारों तक योजना का लाभ सुनिश्चित करना है।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

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Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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