सीमांत जनपद में मौसम के विकराल रूप के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। गुरुवार रात से जिला मुख्यालय सहित सभी तहसीलों में भारी गर्जना और आंधी के साथ शुरू हुआ मूसलाधार वर्षा का सिलसिला शुक्रवार शाम तक जारी रहा। वहीं, उच्च हिमालयी चोटियों नंदा देवी, पंचाचुली, हरदेवल, राजरम्भा पर लगातार तीसरे दिन भी भारी हिमपात होने से समूचा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढक गया है।
उच्च हिमालयी गांव गर्ब्यांग, गूंजी, नामिक, कुटी और छियालेख में रात से ही रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है। मध्य हिमालय की प्रमुख चोटी छिपलाकोट, हंसालिंग और खलिया टॉप भी बर्फ से लकदक हो गए हैं। बर्फबारी का असर अब निचले इलाकों की ओर बढ़ने लगा है, जिससे मुनस्यारी के नया बस्ती क्षेत्र तक हिमपात दर्ज किया गया है। भारी बर्फबारी के कारण थल-मुनस्यारी मार्ग पाथलथोड़ के पास वाहनों के लिए पूरी तरह बंद हो गया है। इसके अतिरिक्त सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कैलास मानसरोवर मार्ग भी भारी हिमपात की चपेट में है। प्रशासन ने यात्रियों से खराब मौसम में सतर्कता बरतने की अपील की है।


