उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल के पैतृक गांव औणी में महिला पर गुलदार के हमले के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने श्रीनगर-पौड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप बाधित कर वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लगातार गुलदार के हमले बढ़ रहे हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि गुलदार की दहशत से क्षेत्र की 13 ग्राम सभाएं प्रभावित हैं और लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।सोमवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
ग्रामीण जिलाधिकारी पौड़ी, डीएफओ और अन्य सक्षम अधिकारियों को मौके पर बुलाने तथा मांगों पर कार्रवाई होने तक हाईवे न खोलने की बात पर अड़े रहे। औणी की ग्राम प्रधान हेमंती ने मांग की कि गुलदार को आदमखोर घोषित किया जाए और क्षेत्र में वन विभाग की गश्त बढ़ाई जाए। साथ ही जल्द से जल्द ग्रामीणों को गुलदार के आतंक से राहत दिलाई जाए। वहीं, चोवत के ग्राम प्रधान शंकर नौटियाल ने मांग उठाई कि राजाजी और कार्बेट नेशनल पार्क में तैनात प्रशिक्षित वन कर्मियों को क्षेत्र में भेजा जाए तथा गुलदार को आदमखोर घोषित कर मार गिराया जाए। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए हाईवे से गुजर रही दो एंबुलेंस को रास्ता दिया, जबकि अन्य वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रही। मौके पर तहसीलदार श्रीनगर और पुलिस प्रशासन मौजूद रहा। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर डटे रहे।
