एंकर- अपनी 27 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश में डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले इंजीनियरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल और कार्य बहिष्कार जारी है, इसी क्रम में अल्मोड़ा में धरने पर बैठे डिप्लोमा इंजीनियरों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि आज धरने को 11 दिन हो गए लेकिन अभी तक हमारी मांगों पर सरकार द्वारा कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है, उन्होंने कहा कि जबकि प्रदेश संगठन की लगातार सरकार से बातचीत की जा रही है लेकिन सरकार हमारी मांगों पर टालमटोल कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि प्रथम एसीपी के तहत 5400 ग्रेड पे, 16 वर्ष में 6600 और 26 वर्ष में 8700 ग्रेड पे, अभियंत्रण विभागों में न्यूनतम तीन पदोन्नति, पेयजल एवं जल संस्थान का राजकीयकरण, पुरानी पेंशन बहाली, आईटी भत्ता, फील्ड स्टाफ की नियुक्ति और गैर तकनीकी कार्यों से मुक्ति सहित 27 सूत्रीय मांगों को लेकर यह कार्य बहिष्कल पूरे प्रदेश में चल रहा है और जब तक हमारी इन मांगों को सरकार नहीं मानेगी तब तक यह कार्य बहिष्कार हड़ताल जारी रहेगी।
डिप्लोमा इंजीनियर ने कहा कि 9 माह पूर्व संघ के अधिवेशन में मुख्यमंत्री ने उनको आश्वासन दिया था कि उनकी सभी मांगों को पर कार्रवाई की जाएगी लेकिन अभी तक शासन द्वारा उस पर कोई कार्रवाई की नहीं गई जिससे आक्रोशित अभियंता मांगों पर कार्रवाई न होने पूरे प्रदेश में हड़ताल पर हैं। इंजीनियरों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।आंदोलनकारियों ने साफ कहा है कि अगर सरकार द्वारा जल्द उनकी मांगो पर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा, वक्ताओं ने कहा कि , यह सिर्फ एक जिले का मामला नहीं है बल्कि पूरे उत्तराखंड में चल रहा व्यापक आंदोलन है, जिसका असर सरकारी विकास कार्यों पर भी पड़ रहा और इसके लिए सरकार पूरी तरीके से जिम्मेदार है।
