केदारनाथ चुनाव में अलग-अलग गुटों में बंटी कांग्रेस ने प्रचार में एकजुटता से किए वार, अब नतीजे का इंतजार

अलग-अलग गुटों में बंटी कांग्रेस उपचुनाव के प्रचार युद्ध में भाजपा पर पूरी एकजुटता संग वार-पलटवार करती नजर आई। अब उसे मनचाहे नतीजे का इंतजार है। बदरीनाथ व मंगलौर उपचुनाव में जीत का उत्साह केदारनाथ के प्रचार को प्रचंड बनाने में उसके खूब काम आया।

- Advertisement -

कांग्रेस की चाहत केदारनाथ में जीत के साथ 2027 के लिए एक बड़ा संदेश देने की भी है। लोस चुनाव में पांचों सीट हारने के बाद कांग्रेस के हौसले पस्त थे, लेकिन बदरीनाथ व मंगलौर विस उपचुनाव में जीत ने उम्मीदों से भर दिया। उसने मिशन केदारनाथ के लिए प्रचार में पूरी ताकत झोंकी। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मोर्चा संभाला।

- Advertisement -

वहीं, पूर्व सीएम हरीश रावत भी प्रचार में चिरपरिचित अंदाज में दिखे। प्रचार के दौरान महिला मतदाताओं को साधने के लिए खेत खलियान में भी गए। प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व अध्यक्ष एवं विधायक प्रीतम सिंह, चुनाव प्रभारी व विधायक विक्रम सिंह नेगी, पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत समेत सभी दिग्गजों ने प्रत्याशी मनोज रावत की जीत के लिए प्रचार किया।

- Advertisement -

उपचुनाव में कांग्रेस की ताकत केदारनाथ धाम के नाम पर दिल्ली में प्रतीकात्मक मंदिर का निर्माण, धाम से सोना गायब होना, केदारघाटी में आपदा के मुद्दे को ताकत मान रही है। 2017 में केदारनाथ विस जीत कर मनोज रावत ने महिला उम्मीदवार जीतने का मिथक तोड़ा था। कांग्रेस को उम्मीद है कि इस बार भी मनोज रावत मिथक को तोड़ेंगे।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version