उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर जारी राष्ट्रीय बहस के बीच सख्त रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को दो टूक कहा कि नमाज मस्जिदों, ईदगाहों और निर्धारित स्थानों पर ही पढ़ी जानी चाहिए। सड़कों को बाधित कर लोगों को परेशानी में डालना स्वीकार नहीं किया जाएगा। देहरादून के कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान धामी ने कुछ कांग्रेस नेताओं के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि सड़क पर धार्मिक गतिविधियां करने की पैरवी की जा रही है। यह गलत है। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय चारधाम यात्रा पर लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड आ रहे हैं। ऐसे में राज्य का वातावरण शांत, व्यवस्थित और अनुशासित बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सड़कें आम जनता की आवाजाही के लिए हैं, उन्हें अवरोध या प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक सड़कों को बंधक बनाकर अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। देवभूमि की शांति, संस्कृति और अनुशासन से खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। देहरादून नगर निगम ने शुक्रवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाकर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई की। नगर निगम की टीम ने धोरण खास स्थित खसरा संख्या 463 में निगम की भूमि पर अवैध रूप से लगाए गए बोर्ड, अवैध प्लाटिंग और निर्मित दीवार को ध्वस्त किया। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई के बाद भूमि को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त करा लिया गया है।
इसके अलावा एटीएस कॉलोनी क्षेत्र में शासकीय भूमि की सुरक्षा के लिए बाउंड्री वॉल निर्माण की अनुमति जारी की गई है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का अवैध कब्जा न हो सके। हरभजवाला क्षेत्र में नगर निगम के स्वामित्व वाली भूमि पर बनाई गई अवैध सड़क के खिलाफ भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। रायपुर तपोवन रोड क्षेत्र में भी अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया गया। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निगम अथवा सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, निर्माण या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
