चंपावत में दुष्कर्म की घटना की सूचना मिलने पर पूर्व मंडल अध्यक्ष कमल रावत पुलिस बल के साथ पीड़िता की खोजबीन में जुटे थे। कमरे से उसके बरामद होने व घटना स्थल की वीडियो भी बनाई। इसके बाद जब कोतवाली पहुंचे तो आरोप है कि उनपर आरोपित पक्ष ने हमला कर घायल कर दिया। कुछ ही समय के बाद आठ से 10 लोगों ने हमला बोल दिया। जिसके बाद पुलिस ने बीच बचाव किया। बुधवार को शर्मनाक और बेहद निंदनीय घटना के बाद कोतवाली मानो अखाड़ा बन गया। सुबह के करीब छह बजे पीड़ित पक्ष की ओर से शिकायत लेकर पहुंचे कमल रावत संग दो लोगों ने मारपीट की।
इसके बाद मुख्य घटना यानी दुष्कर्म की तहरीर देने के लिए पीड़िता के पिता के कोतवाली पहुंचने पर कमल रावत तहरीर लिख रहे थे। चूंकि पीड़िता के पिता गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। कमल रावत ने पीड़िता की तहरीर लिखने के बाद उनके साथ हुए मारपीट की तहरीर लिख रहे थे। इस बीच एक आरोपित कोतवाली में दिखाई दिया, जो संभवत: क्रास तहरीर देने के लिए आया था। इस दौरान आठ से 10 लोग कोतवाली के अंदर घुस गए और हमला बोल दिया। इस दौरान हड़कंप मच गया। गाली-गलौज और हमले को देख पुलिस के हाथ पाव फूल गए। एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप शोर शराबा होता देख पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए लोगों को हटाया। एसपी रेखा यादव ने बताया कि इस मामले में 151 की कार्रवाई की गई है।


