हल्द्वानी में बिंदुखत्ता आंदोलन में गरमाया माहौल, मंच से विधायक मोहन बिष्ट पर बरसे वक्ता
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Sep 27, 2026 20:55
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नैनीताल के लालकुआं बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग को लेकर रविवार को लालकुआं में बड़ा प्रदर्शन हुआ। वनाधिकार संगठन के आह्वान पर बिंदुखत्ता के अलग-अलग गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण लालकुआं पहुंचे। ग्रामीणों ने रैली निकालकर तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया और सरकार से जल्द राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करने की मांग उठाई। सुबह से ही बिंदुखत्ता क्षेत्र के ग्रामीण जनता इंटर कॉलेज, जड़ सेक्टर में पहुंचने लगे थे। कुछ ही देर में यहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इसके बाद ग्रामीण रैली के रूप में लालकुआं बाजार की ओर रवाना हुए। रैली बाजार से होते हुए तहसील परिसर पहुंची। आयोजकों के अनुसार सुबह करीब 11 बजे तक लगभग छह हजार ग्रामीण जड़ सेक्टर स्थित विद्यालय पहुंच चुके थे। इसके बाद भी ग्रामीणों के आने का सिलसिला जारी रहा और आयोजकों ने संख्या 10 हजार से अधिक पहुंचने का दावा किया। हालांकि भीड़ की आधिकारिक संख्या प्रशासन की ओर से अलग से जारी नहीं की गई है।
वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट ने कहा कि बिंदुखत्ता के 32 गांवों के 11,703 दावेदारों की ओर से वनाधिकार कानून-2006 की धारा 3(1)(ज) के तहत सामुदायिक दावे प्रस्तुत किए गए थे। उनके अनुसार, 19 जून 2024 को जिला स्तरीय वन अधिकार समिति ने इन दावों को सर्वसम्मति से पारित किया था। उन्होंने बताया कि इसके बाद राजस्व ग्राम की अधिसूचना और बंदोबस्ती की प्रक्रिया के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया, लेकिन अभी तक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक इस संबंध में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार ज्ञापन भी दिए गए, लेकिन अभी तक अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट को लेकर कुछ वक्ताओं ने तीखे शब्दों में अपनी नाराजगी जाहिर की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बिंदुखत्ता के ग्रामीण लंबे समय से राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं…लेकिन अभी तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण अब केवल आश्वासन के भरोसे आंदोलन खत्म करने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि मांग को लेकर स्पष्ट निर्णय और आगे की कार्रवाई जरूरी है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को समयसीमा भी दी। उन्होंने कहा कि अगर शाम 3:30 बजे तक नेता मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता नहीं करते हैं तो तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन जारी रखा जाएगा। ग्रामीणों ने साफ किया कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की दिशा में ठोस कार्रवाई और अधिसूचना जारी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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