हल्द्वानी एमबीपीजी कॉलेज में छात्र संघ चुनाव बना खतरा, छात्रों के गुटों में खूनी संघर्ष और तोड़फोड़, पांच घायल
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Sep 24, 2026 06:06
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हल्द्वानी एमबीपीजी कालेज के छात्र संघ का चुनाव हल्द्वानी के लिए खतरा बन चुका है। बुधवार रात पनचक्की चौराहे से जगदंबा नगर तक दो उम्मीदवारों के गुट आपस में भिड़ पड़े। जगदंबा नगर में इनके बीच जमकर लाठी, डंडे चले और पत्थरबाजी भी हुई। अराजक तत्वों ने दुकानों में तोड़फोड़ करने के साथ स्थानीय लोगों तक के साथ मारपीट की। वहीं, पुलिस के देरी से पहुंचने के कारण खुलेआम गुंडागर्दी करने वाला कोई भी चेहरा पकड़ा नहीं जा सका। जानकारी के अनुसार करीब पांच लोग घायल हुए हैं। छात्र संघ के एक पद से जुड़े दो उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच पहले पनचक्की के पास हाथापाई हुई। यहां एक गुट दूसरे पर भारी पड़ गया। इसके बाद कमजोर पड़े गुट ने और लोग जुटा दूसरे पक्ष को जगदंबा नगर के पास घेर लिया।
यहां दोनों के बीच जमकर बवाल हुआ। लाठी, पत्थर चलने पर आसपास से गुजर रहे लोग भी जान बचाकर भागते नजर आए। इस बीच दिल्ली चाट भंडार नाम के रेस्टोरेंट और नजदीकी कॉम्पलेक्स से जुड़ी दुकानों में भी अराजक तत्वों ने तोड़फोड़ कर डाली। कुछ लोगों ने समझाने की कोशिश की तो उन्हें भी पीटना शुरू कर दिया। कुछ देर बाद चौकी इंचार्ज कृपाल सिंह टीम संग मौके पर तो पहुंचे लेकिन तब तक दोनों गुट फरार हो चुके थे। पुलिस का कहना है कि अराजक तत्वों की तलाश की जा रही है। छात्र संग चुनाव के प्रचार का दौर शुरू होने के बाद से कालेज परिसर से लेकर बाहर आए दिन बवाल ही रहे हैं। जबकि खाकी का सख्ती बरतने का निर्देश केवल बैठकों और अपने फेसबुक पेज तक सीमित है। यही वजह है कि 20, 22 साल के लड़कों को गुंडई का शौक चढ़ चुका है। पुलिस की काहिली के कारण किसी दिन कोई बड़ा कांड न हो जाए।
घटना के बाद गुस्साए स्थानीय लोगों ने एबीवीपी कार्यालय को बंद करने की मांग शुरू कर दी। इनका कहना था कि चुनावी सीजन ही नहीं पूरे साल अराजकता की स्थिति रहती है। जिस वजह से कालोनी में डर का माहौल पैदा चुका है। छात्रों के गुट अक्सर आपस में भिड़ जाते हैं। सूचना पर टीम मौके पर गई थी। लेकिन कोई नहीं मिला। अराजक तत्वों को चिन्हित कर कार्रवाई करेंगे।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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