नैनीताल के कैंची धाम का भीषण जाम बना पहाड़ का नासूर, व्यापारी बोले, रानीखेत का पर्यटन और व्यापार हो रहा चौपट
By सुरेन्द्र सिंह रावत
•
Oct 04, 2026 20:50
•
1 views
•
0 Comments
अल्मोड़ा के लिए कैंची धाम में भीषण जाम अब पूरे पर्वतीय क्षेत्र के लिए नासूर बन गया है। इस विकराल यातायात समस्या के कारण न केवल आपातकालीन सेवाएं और मरीज घंटों कहा कि भिक्षा मांग धन एकत्र कर सरकार को भेजेंगे। फिर भी जाम का हल न निकाला गया तो खुद के बूते मशीनें लेकर बाईपास बनाने उतरेंगे। रोका गया तो जनांदोलन करेंगे। होटल कारोबारियों, व्यापारियों व कांग्रेसियों की रविवार को यहां बैठक में कैंची धाम के जाम का झाम ही छाया रहा। जाम में फंस रहे हैं, बल्कि रानीखेत समेत पूरे क्षेत्र का पर्यटन कारोबार पटरी से उतर गया है। दूध आदि के वाहन शाम तक पहुंच रहे। सैलानियों ने भी मुंह फेर लिया। इससे होटल कारोबारियों व व्यापारियों में सरकार व प्रशासन के खिलाफ भारी असंतोष पनपने लगा है। पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन सिंह माहरा ने इसे सरकार की बड़ी विफलता करार दिया।
इसी व्यवस्थागत नाकामी पर कांग्रेस राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने इसे सरकार की नाकामी करार दिया। कहा कि कैंची धाम में उमड़ने वाली भारी भीड़ कोई नई या अप्रत्याशित समस्या नहीं है। बावजूद इसके शासन-प्रशासन स्थायी समाधान खोजने में पूरी तरह विफल रहा है। जाम से सबसे ज्यादा परेशानी मरीज व आपातकालीन सेवाएं झेल रही हैं। पूछा कि जब एंबुलेंस घंटों जाम में फंसेगी तो सरकार के विकास के दावों का क्या मतलब। कहा कि सरकार बयानबाजी छोड़ स्थायी समाधान तलाशे। वैकल्पिक मार्ग, बाईपास निर्माण, पर्याप्त पार्किंग, यातायात पुलिस की अतिरिक्त तैनाती पर जोर देते हुए चेताया कि यातायात प्रबंधन की ठोस व्यवस्था न की, तो जनांदोलन किया जाएगा। वरिष्ठ होटल व्यवसायी गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि सरकार पर्यटक नगरी रानीखेत की उपेक्षा की आमादा है। कैंची के जाम ने सैलानियों को वहीं से लौटने को विवश कर दिया है, या दूसरे रूट से पर्यटक अन्य शहरों का रुख करने लगा है। पर्यटन व होटल व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो गया है। यही हाल रहा तो रानीखेत बहुत पीछे छूट जाएगा।
चिलियानौला व्यापार मंडल अध्यक्ष कमलेश बोरा ने बताया कि हालात यह हो गए हैं कि सुबह की दूध व अन्य आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई अब शाम को पहुंच रही है, जिससे रोजमर्रा का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है।पर्वतीय अंचल की आर्थिकी की रीढ़ माने जाने वाले पर्यटन और व्यापार को बचाने के लिए अब जनता और व्यापारियों ने सरकार से तत्काल धरातलीय कदम उठाने की पुरजोर मांग की है। इस दौरान पालिकाध्यक्ष अरुण रावत, अतुल जोशी, अगस्त लाल साह, गीता पंवार, नेहा माहरा, त्रिलोक आर्या, पंकज जोशी, दीपक पंत, कुलदीप कुमार, हेमंत बिष्ट, सोनू सिद्दकी, रमेश पंत आदि मौजूद रहे।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
Comments (0)
No comments yet. Be the first to share your thoughts!