अल्मोड़ा

अल्मोड़ा में कांग्रेस के विरोध के बाद सरकार बैकफुट पर, छवि बचाने के लिए मंत्री दरबार में दौड़ रहे भाजपा नेता: वैभव पांडे

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Aug 26, 2026 17:13 22 views 0 Comments
अल्मोड़ा में कांग्रेस के विरोध के बाद सरकार बैकफुट पर, छवि बचाने के लिए मंत्री दरबार में दौड़ रहे भाजपा नेता: वैभव पांडे

अल्मोड़ा जिला चिकित्सालय को नगर क्षेत्र से अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने को लेकर उठे विरोध के बाद भाजपा और प्रदेश सरकार पूरी तरह बैकफुट पर आ गई है। यह बात कांग्रेस नगर महामंत्री संगठन वैभव पांडे ने कही। उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी एवं कांग्रेस पार्टी द्वारा जनता की आवाज को मजबूती से उठाए जाने के बाद अब भाजपा नेताओं में सरकार की छवि बचाने की बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। वैभव पांडे ने कहा कि पिछले कई दिनों से जिला अस्पताल के स्थानांतरण को लेकर अल्मोड़ा की जनता में भारी आक्रोश था। कांग्रेस ने लगातार सरकार से स्थिति स्पष्ट करने और जिला चिकित्सालय को किसी भी कीमत पर स्थानांतरित न करने की मांग उठाई। जनता के बढ़ते दबाव और कांग्रेस के आंदोलन के ऐलान के बाद भाजपा नेताओं को अब मंत्री दरबार की दौड़ लगानी पड़ रही है।

 

उन्होंने कहा कि अगर जिला अस्पताल स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव ही नहीं था तो भाजपा नेताओं को चौबीस घंटे के भीतर मंत्री के पास जाकर यह घोषणा करवाने की जरूरत क्यों पड़ी कि अस्पताल शिफ्ट नहीं होगा? यह अपने आप में सरकार की कार्यशैली और निर्णय प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।वैभव पांडे ने कहा कि अल्मोड़ा की जनता सरकार के पूर्व के फैसलों को भी भूली नहीं है। कुछ वर्ष पहले सरकार की ओर से कहा गया था कि केवल डीएम कोर्ट को अल्मोड़ा के मल्ला महल से स्थानांतरित किया जाएगा, लेकिन रातों-रात पूरी कचहरी को मुख्य अल्मोड़ा से हटाकर पांडे खोला शिफ्ट कर दिया गया। ऐसे में सरकार के मौखिक आश्वासनों पर जनता का भरोसा कैसे कायम रहे? सरकार कहती कुछ है और करती कुछ और है। इसलिए जिला अस्पताल के मामले में भी जनता लिखित और स्पष्ट आश्वासन चाहती है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार का निर्णय चुपचाप न लिया जा सके।

 

उन्होंने कहा कि भाजपा नेता यदि वास्तव में अपनी सरकार की छवि बचाने के लिए इतने चिंतित हैं तो बेहतर होता कि पिछले करीब दो महीने से अल्मोड़ा जिला चिकित्सालय में नहीं मौजूद फिजिशियन को वापस लाने का प्रयास करते। आज अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और पर्याप्त स्टाफ की जरूरत है, लेकिन इन मूलभूत समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय अस्पताल को कहीं और ले जाने की चर्चाएं सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह अल्मोड़ा में हार्ट केयर सेंटर, जो अल्मोड़ा के साथ-साथ पिथौरागढ़, बागेश्वर और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों के लिए जीवनरेखा की तरह काम कर रहा था, उसे पुनः शुरू करवाने की दिशा में भी भाजपा नेताओं को प्रयास करना चाहिए। कांग्रेस सरकार के समय स्थापित इस महत्वपूर्ण सुविधा को भाजपा शासन में बंद कर दिया गया। आज जरूरत है कि इसे दोबारा शुरू कराया जाए, ताकि हृदय रोगियों को उपचार के लिए हल्द्वानी या अन्य मैदानी क्षेत्रों की दौड़ न लगानी पड़े।

 

वैभव पांडे ने भाजपा नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि चौबीस घंटे में मंत्री से बयान दिलवाकर अब भाजपा नेता ऐसे श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं, जैसे अस्पताल बचाने की लड़ाई उन्होंने लड़ी हो। जबकि जनता सब देख रही है कि जब अस्पताल शिफ्टिंग की चर्चाएं सामने आईं तो सबसे पहले कांग्रेस और विधायक मनोज तिवारी ने आवाज उठाई और जनता के साथ खड़े हुए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को किसी श्रेय की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस का उद्देश्य केवल अल्मोड़ा की जनता के हितों और उसके स्वास्थ्य अधिकारों की रक्षा करना है। जिला अस्पताल केवल एक भवन नहीं, बल्कि पर्वतीय क्षेत्र की हजारों-लाखों जनता की जीवनरेखा है। इसे नगर क्षेत्र से दूर ले जाने की किसी भी कोशिश को कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी।

वैभव पांडे ने कहा कि यदि सरकार के स्तर पर जिला चिकित्सालय स्थानांतरण का कोई प्रस्ताव नहीं है तो सरकार इसे लिखित रूप में स्पष्ट करे और भविष्य में भी इस प्रकार की किसी योजना पर विचार न करने की सार्वजनिक घोषणा करे। साथ ही सरकार को बयानबाजी और श्रेय लेने की राजनीति छोड़कर जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, पर्याप्त स्टाफ, आधुनिक उपकरण और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता ने अस्पताल बचाने के लिए आवाज उठाई और सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करना पड़ा। अब भाजपा चाहे जितना श्रेय लेने का प्रयास करे, अल्मोड़ा की जनता जानती है कि उसके स्वास्थ्य अधिकार की लड़ाई किसने और किस दबाव में मजबूती से उठाई है। कांग्रेस जनता के साथ खड़ी थी, खड़ी है और आगे भी जिला अस्पताल की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

Verified Reporter

Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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