अल्मोड़ा सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय में एलएलबी के सैकड़ों छात्र छात्राओं के भविष्य पर संकट
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Aug 06, 2026 19:36
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अल्मोड़ा के सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा एक बड़े विवाद में घिर गया है। विश्वविद्यालय के एलएलबी पाठ्यक्रम को बार काउंसिल ऑफ इंडिया यानी BCI की 2026–27 की आधिकारिक अप्रूवल सूची में जगह नहीं मिलने से सैकड़ों छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। गुस्साए छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। BCI ने संबद्धता विस्तार के लिए आवेदन की अंतिम तिथि चार बार बढ़ाई और 31 जुलाई 2026 तक अंतिम मौका दिया। इसके बावजूद विश्वविद्यालय का नाम Approved List में शामिल नहीं हुआ। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा अब उन्हें भुगतना पड़ रहा है। उनका कहना है कि वर्षों से विधि की पढ़ाई कराने वाले विश्वविद्यालय में पहली बार इतनी बड़ी चूक सामने आई है।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कुलपति, रजिस्ट्रार और जिम्मेदार अधिकारी छात्रों के भविष्य की बजाय निर्माण कार्यों और अपने लोगों को लाभ पहुंचाने में व्यस्त हैं। छात्रों ने विश्वविद्यालय को "भ्रष्टाचार का अड्डा" बताते हुए कुलपति, रजिस्ट्रार, परिषद निदेशक, विधि संकाय के डीन और विभागाध्यक्ष से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की है। वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति ने मामले को गंभीर बताते हुए जिम्मेदारी तय करने की बात कही है। उनका कहना है कि जानकारी मिलते ही अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है और अब विभागाध्यक्ष तथा एक प्राध्यापक को BCI के पास लेट फीस के साथ आवेदन जमा कराने भेजा जाएगा। कुलपति का दावा है कि छात्रों के भविष्य से कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा।लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब BCI ने आवेदन के लिए चार-चार मौके दिए, तब भी विश्वविद्यालय प्रशासन क्यों सोया रहा? क्या छात्रों के भविष्य से जुड़ी इतनी बड़ी लापरवाही के लिए कोई जिम्मेदार तय होगा, या फिर आश्वासनों के सहारे ही पूरा मामला दबाने की कोशिश होगी? फिलहाल छात्र आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर चुके हैं और अब सबकी नजर विश्वविद्यालय प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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