उत्तरकाशी में बर्फीले पहाड़ों में फंसे 136 ट्रैकर्स में विदेशी ट्रेकर्स भी, रेस्क्यू जारी प्रशासन अलर्ट मोड पर
By सुरेन्द्र सिंह रावत
•
Sep 28, 2026 11:22
•
106 views
•
0 Comments
उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अचानक हुई बर्फबारी ने ट्रैकिंग अभियानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले के अलग-अलग उच्च हिमालयी रूटों पर 136 ट्रैकर, पर्वतारोही और सहयोगी स्टाफ मौजूद हैं। इनमें विदेशी ट्रैकर्स भी शामिल हैं। खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों की बैठक लेकर सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उत्तरकाशी में पिछले करीब 36 घंटे से लगातार बारिश हो रही है, जबकि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हो रही है। मौसम की चुनौती के बीच प्रशासन ने रेस्क्यू की तैयारियां तेज कर दी हैं।
प्रशासन के मुताबिक हाई अल्टीट्यूड एक्सपीडिशन में 89 लोग, कालिंदी पास बेस कैंप में 18 और ऑडिन कोल पास बेस कैंप में 29 सदस्य मौजूद हैं। सभी से सैटेलाइट फोन के जरिए लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है। सबसे ज्यादा चिंता करीब 5,950 मीटर यानी 19,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित कालिंदी ट्रैक को लेकर है। यहां 18 ट्रैकर्स बेस कैंप में सुरक्षित हैं। डीएम प्रशांत आर्य ने उनकी सुरक्षा की पुष्टि की है। मौसम साफ होने पर सोमवार को हेलीकॉप्टर से हवाई रेकी कराने की तैयारी है। जरूरत पड़ने पर हवाई रेस्क्यू भी किया जा सकता है। हालांकि सामान्य परिस्थितियों में भी कालिंदी ट्रैक से नीचे उतरने में तीन से चार दिन लगते हैं। घने बादल, कोहरा, तेज हवाएं और लगातार बर्फबारी हेलीकॉप्टर रेस्क्यू के सामने बड़ी चुनौती हैं। वहीं, ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी के कारण पैदल रेस्क्यू भी बेहद जोखिम भरा है। रविवार देर रात तक जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्मार्ट आपदा कंट्रोल रूम में अधिकारियों की बैठक लेकर रेस्क्यू और राहत व्यवस्थाओं की समीक्षा की। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, आईटीबीपी, एनआईएम और वन विभाग की टीमें अलर्ट पर हैं।
ट्रैकर्स के लिए राशन, पैक्ड फूड, पेयजल, दवाइयां, चिकित्सकों और एंबुलेंस की व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि जिलाधिकारी ने बताया कि सभी ट्रैकर्स फिलहाल बेस कैंपों में सुरक्षित हैं, लेकिन लगातार बर्फबारी के चलते उच्च हिमालयी क्षेत्रों में रास्ते बंद होने की आशंका जताई जा रही है।रेस्क्यू अभियान की निगरानी के लिए अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र हर्षिल पहुंच गई हैं। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष भी सैटेलाइट संचार के जरिए उच्च हिमालय में मौजूद दलों से लगातार संपर्क में है। लगातार खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने गंगोत्री क्षेत्र समेत ऊंचाई वाले ट्रैक पर नई ट्रैकिंग गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा रखी है। ट्रैकिंग एजेंसियों को नए दलों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में नहीं भेजने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता उच्च हिमालय में मौजूद सभी 136 ट्रैकर्स, पर्वतारोहियों और पोर्टरों को सुरक्षित रखना और मौसम अनुकूल होने पर उन्हें सुरक्षित नीचे लाना है। सोमवार को मौसम खुलने पर हेलीकॉप्टर रेकी के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
Comments (0)
No comments yet. Be the first to share your thoughts!