उपनल कर्मियों के बाद उत्तराखंड की पुष्कर धामी सरकार एनएचएम के तहत 8000 कर्मचारियों को भी पक्की नौकरी को लेकर सरकार ने कर्मचारियों का ब्यौरा मांगा
By सुरेन्द्र सिंह रावत
•
Oct 07, 2026 12:08
•
178 views
•
0 Comments
उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार उपनल के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत राज्य में लंबे समय से तैनात कर्मचारियों की नौकरी भी पक्की कर सकती है। इस मिशन में लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों को लेकर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। इधर,एनएचएम निदेशालय की ओर से भी राज्य में दस सालों से कार्यरत कर्मचारियों का भी ब्योरा मांग लिया गया है। स्वास्थ्य महानिदेशालय की सहायक निदेशक-एचआर डॉ. ऋतु अग्रवाल ने इस बाबत सभी जिलों के सीएमओ को पत्र भेजते हुए विवरण मांगा है। विदित है कि राज्य में एनएचएम के तहत विभिन्न कार्यक्रमों में आठ हजार के करीब कर्मचारी तैनात हैं।
यह कर्मचारी लंबे समय से नियमित करने, समान वेतन देने और एचआर पॉलिसी लागू करने की मांग कर रहे हैं। देश के कई राज्यों में एनएचएम कर्मचारियों को नियमित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसी को देखते हुए राज्य में भी कवायद शुरू की जा रही है। केंद्र सरकार भी साफ कर चुकी है कि एनएचएम के कर्मचारियों को नियमित करने का मामला राज्य सरकारों के अधीन है। ऐसे में राज्य सरकार के स्तर पर इस संदर्भ में विचार किया जा रहा है। हालांकि नियमितीकरण का फार्मूला क्या होगा, इस संदर्भ में अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। एनएचएम कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से मिलकर नियमितीकरण की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि लंबे समय से वे स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए प्रयास कर रहे हैं।
लेकिन उनके हितों पर निर्णय नहीं लिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में विभिन्न प्रोग्राम के तहत आठ हजार के करीब कर्मचारी तैनात हैं। इन कर्मचारियों को संविदा व कांट्रैक्ट के तहत तैनात किया गया है। लेकिन लंबे समय से तैनात होने की वजह से यह नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। राज्य में एनएचएम मुख्यालय के साथ ही सीएमओ कार्यालय, अस्पतालों में डॉक्टर, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट के साथ ही विभिन्न पदों पर एनएचएम के तहत स्वास्थ्य कर्मियों को तैनात किया गया है।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
Comments (0)
No comments yet. Be the first to share your thoughts!