उत्तरकाशी

उत्तरकाशी में मलबा आने से यमुना नदी में बनी झील का जलस्तर बढ़ा, जलमग्न हुआ स्यानाचट्टी, तीन गांव खाली कराए

सुरेन्द्र सिंह रावत By सुरेन्द्र सिंह रावत Aug 22, 2025 01:28 1 views 0 Comments
उत्तरकाशी में मलबा आने से यमुना नदी में बनी झील का जलस्तर बढ़ा, जलमग्न हुआ स्यानाचट्टी, तीन गांव खाली कराए

उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी के पास कुपड़ा खड्ड में बृहस्पतिवार सुबह मलबा और बड़े पत्थर आने से यमुना नदी में बनी झील का जलस्तर फिर से...

उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी के पास कुपड़ा खड्ड में बृहस्पतिवार सुबह मलबा और बड़े पत्थर आने से यमुना नदी में बनी झील का जलस्तर फिर से बढ़ गया। स्यानाचट्टी में घरों और होटलों में पानी घुस गया, जिससे दहशत फैल गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने स्यानाचट्टी, कुथनौर और खरादी के सभी भवनों और होटलों को खाली करवा दिया। करीब 300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

खतरे को भांपते हुए कुथनौर और खरादी के लोग अपने मूल गांवों स्यालना, पुजारगांव, पाली और भंसाड़ी में शिफ्ट हो गए हैं। हालांकि, दोपहर में मौसम साफ होने के बाद जलस्तर कम हुआ, लेकिन देर शाम फिर से मलबा आने के कारण यह दोबारा बढ़ गया। स्यानाचट्टी के दाईं ओर बहने वाले कुपड़ा खड्ड में तेज धूप में भी लगातार मलबा और पत्थर बहकर आ रहे हैं। इससे जून के अंत में बनी झील का बहाव फिर से रुक गया है। सिंचाई विभाग की तीन पोकलेन मशीनें लंबे समय से यमुना नदी के बहाव को ठीक करने का काम कर रही हैं, लेकिन बार-बार मलबा आने से काम में बाधा आ रही है।

स्थानीय निवासी जयपाल सिंह रावत, बलदेव सिंह, चित्रमोहन राणा व नवदीप रावत ने बताया कि खुले मौसम के बावजूद भी कुपड़ा खड्ड में मलबा आने से यमुना नदी का प्रवाह रुक गया है। उन्होंने इन पत्थरों को हटाने और स्यानाचट्टी की सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान की मांग की है। जिला प्रशासन के साथ-साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें खरादी में मौजूद हैं। हालांकि, स्यानाचट्टी में बना यमुनोत्री हाईवे का पुल भी झील के बढ़ते जलस्तर में आधा डूब गया है। इस वजह से राहत और बचाव दल आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।

सुरेन्द्र सिंह रावत

सुरेन्द्र सिंह रावत

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Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.

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