उत्तरकाशी के सौली में भू-धंसाव से घरों में दरारें, ग्रामीणों में दहशत, दस परिवारों ने छोड़ा घर
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Aug 13, 2026 14:41
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उत्तरकाशी में नगर पंचायत नौगांव के वार्ड सात सौली में जमीन धंसने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त मकानों का तकनीकी सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने, उचित मुआवजा देने तथा खतरे की जद में आए परिवारों के सुरक्षित विस्थापन की मांग की। उन्होंने भू-वैज्ञानिकों से क्षेत्र का तकनीकी अध्ययन कर भू-धंसाव के स्थायी समाधान के लिए ठोस उपाय करने की भी मांग उठाई। प्रशासनिक टीम ने प्रभावित क्षेत्र की स्थिति का जायजा लेकर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है। इस मौके पर नगर पंचायत सभासद सुनील कोहली, पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष जगदीश असवाल, एसडीएम बृजेश तिवारी, एफजीआई मोहन लाल, नायब तहसीलदार खजान सिंह असवाल, कानूनगो सुखवीर असवाल और राजस्व उप निरीक्षक चंद्रशेखर रजवाड़ आदि मौजूद रहे।
ग्राम सौली में लगातार हो रहे भू-धंसाव की सूचना पर जिलाधिकारी प्रशांत आर्य व पुरोला विधायक दुर्गेश लाल ने भी प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम ने उन्होंने प्रभावित परिवारों को आवश्यकता पड़ने पर सरकारी भवनों अथवा किराये के सुरक्षित मकानों में अस्थायी रूप से ठहराने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, विधायक ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने पीड़ितों को आवश्यक मदद उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। नगर पंचायत नौगांव के वार्ड संख्या सात सौली में भू-धंसाव से प्रभावित परिवारों को प्रशासन की ओर से राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई।
एसडीएम बड़कोट बृजेश कुमार तिवारी के माध्यम से राजस्व विभाग बड़कोट एवं खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम ने प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न किट वितरित किए। भू-धंसाव के चलते सौली में करीब 15 परिवारों के मकानों में दरारें और अन्य क्षति हुई है। एसडीएम ने बताया कि प्रशासन की टीम द्वारा क्षेत्र में भू-धंसाव की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं प्रशांत आर्य, जिलाधिकारी, उत्तरकाशी ने कहा कि सौली जहां बसा है, वह वाटर शेड एरिया है और वहां पर जमीन के नीचे पानी की मौजूदगी है। जब तक वहां घर नहीं बन रहे थे तो सब ठीक था। लेकिन जैसे ही आवासीय निर्माण से दबाव बढ़ा तो भू-धंसाव शुरू हुआ। इस कारण भू-धंसाव प्रभावित घरों के टूटने का खतरा बना हुआ है। वर्तमान में सभी प्रभावित परिवार अपने रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। कल प्रभावितों के किराये पर रहने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता की मांग की जाएगी।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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