बागेश्वर में दिखा आस्था का सैलाब, मां भगवती के चरण कमलों के लिए नंगे पैर हिमालय से ब्रह्मकमल लाने निकले भक्त
By सुरेन्द्र सिंह रावत
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Sep 17, 2026 06:43
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बागेश्वर में एक ओर हिमालय की बर्फीली चोटियां तथा दूसरी ओर शरीर जमा देने वाली ठंड। पैरों में न जूते हैं और न ही चप्पल। करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई तक हिमालय की 100 किमी से अधिक दूरी की कठिन पदयात्रा। अगाध आस्था के सहारे 18 जतेर (देव डांगर व भक्तगण) सोमवार को नंदा कुंड (सुंदरढूंगा घाटी) की ओर बढ़ चले हैं।
वहां से ब्रह्मकमल लेकर 18 सितंबर को लौटेंगे। लीती गांव में स्थित भगवती मंदिर में मां को यही ब्रह्मकमल अर्पित होंगे। साथ ही मां का स्वरूप भी इनसे बनाया जाएगा। हर वर्ष होने वाली यह जात (यात्रा) बागेश्वर के बिचला दानपुर की सदियों पुरानी लोक आस्था की जीवंत मिसाल है।
सुरेन्द्र सिंह रावत
Verified Reporter
Professional journalist writing regular analytical and research reports on key political, cultural, and technological fields globally.
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