नैनीताल में आगामी 15 जून को आयोजित होने वाले कैंची धाम स्थापना दिवस मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। शुक्रवार को मेडिकल कालेज हल्द्वानी में आयोजित ब्रीफिंग में आइजी निवेदिता कुकरेती, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल तथा एसएसपी डा. मंजुनाथ टीसी ने मेला ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को सुरक्षा, यातायात एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान मंदिर परिसर, पार्किंग स्थलों, बैरियर और प्रमुख मार्गों पर बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) द्वारा नियमित एंटी-सबोटाज चेकिंग कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्थानीय अभिसूचना इकाई को भी सक्रिय मोड में रहने को कहा गया। सभी पुलिस कर्मियों को किसी भी संदिग्ध व्यक्ति अथवा वस्तु की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक यातायात डा. जगदीश चंद्र ने विस्तृत डायवर्जन प्लान की जानकारी दी। संवेदनशील और संकरे मार्गों पर भारी वाहनों को खड़ा न करने के निर्देश दिए। मेला व्यवस्था को चार सुपर जोन और 14 जोन में विभाजित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए तीन एसएसपी/एसपी, आठ अपर पुलिस अधीक्षक, 14 क्षेत्राधिकारी, 26 निरीक्षक-थानाध्यक्ष, 146 उपनिरीक्षक, 475 मुख्य आरक्षी व आरक्षी, 455 प्रशिक्षु आरक्षी, पीएसी की दो कंपनियां, केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल की दो कंपनियां समेत एसडीआरएफ, अग्निशमन और बीडीएस की टीमें तैनात की गई हैं। आईजी ने सभी सुपर जोनल और जोनल अधिकारियों को अपने-अपने ड्यूटी प्वाइंट का निरीक्षण कर अधीनस्थ कर्मियों को जिम्मेदारियों से अवगत कराने के निर्देश दिए।
कैंची धाम और नैनीताल क्षेत्र के होटलों में वैध बुकिंग कराने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की पहचान के लिए विशेष स्टीकर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा सुरक्षा और समन्वय को मजबूत बनाने के लिए अपर उपनिरीक्षक (एएसआइ) और उससे ऊपर के सभी अधिकारियों को संचार हैंडसेट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे मेले के दौरान त्वरित सूचना आदान-प्रदान सुनिश्चित हो सके। इस दौरान कई इंस्पेक्टर और दरोगा भी मोबाइल पर देखते व बात करते हुए दिखाई दिए। सिपाही ऊधम सिंह नगर जिले से आया था। आइजी ने कहा कि ड्यूटी के दौरान भी यदि मोबाइल में ही व्यस्त रहेंगे तो व्यवस्थाएं कैसे संभाली जाएंगी। एसएसपी ने भी सख्त लहजे में कहा कि यह कोई सामान्य बैठक नहीं, बल्कि बड़े धार्मिक आयोजन की सुरक्षा और व्यवस्थाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण ब्रीफिंग है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अनुशासन बनाए रखने के लिए सिपाही को पूरी ब्रीफिंग के दौरान खड़ा रखा गया, लेकिन अन्य अफसरों पर मेहरबानी बरती गई।



