टिहरी में पहाड़ में वन्य जीवों की दहशत और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के चलते एक महिला की जान चली गई। वह जंगल में चारा-पत्ती लेने गई थी, लेकिन जंगली जानवर की आहट से पहाड़ी से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी ले जाने पर डाक्टरों ने स्थिति गंभीर बताकर एयरलिफ्ट कर हायर सेंटर ले जाने को कह दिया, लेकिन हेलीपैड तक पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना शनिवार सुबह की है। घनसाली क्षेत्र के पट्टी नैलचामी के होल्टा गांव की बबीता देवी (29) पशुओं के लिए चारा-पत्ती लेने जंगल गई थीं।
अचानक उन्हें जंगली जानवर की आहट सुनाई दी। इससे वह घबरा गईं और संतुलन बिगड़ने पर खाईनुमा पहाड़ी से गिर गईं।गंभीर रूप से घायल होने पर ग्रामीण उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पिलखी ले गए। वहां चिकित्सकों ने तुरंत एयरलिफ्ट कर हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी।इसके बाद प्रशासनिक स्तर पर हेलीकाप्टर की व्यवस्था की गई। स्वजन बबीता को हेलीपैड ले जा रहे थे, लेकिन उनकी रास्ते में ही सांसें थम गईं। पीएचसी की प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. उषा भट्ट ने बताया कि महिला को सुबह करीब 11:30 बजे अस्पताल लाया गया था।उनकी हालत बेहद नाजुक थी, जिसके चलते तत्काल उच्च अधिकारियों के माध्यम से एयरलिफ्ट की मांग की गई थी, लेकिन दुर्भाग्यवश महिला की जान नहीं बच सकी।
बबीता के पति राजेंद्र सिंह थाईलैंड में नौकरी करते हैं। 23 अप्रैल को चंबा-कोटी कालोनी मार्ग पर हुए सड़क हादसे में उनके बड़े भाई शिव सिंह की मौत हो गई थी। इस कारण उन्हें गांव लौटना पड़ा था। अब 23 दिन बाद ही अचानक पत्नी की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। राजेंद्र का नौ वर्षीय बेटा और छह वर्षीय बेटी है।



