उत्तराखंड में धूप और बादलों की आंख-मिचौली के बीच प्रदेश में गुरुवार दोपहर अचानक मौसम ने करवट ली। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, निचले इलाकों में जमकर वर्षा और ओलावृष्टि हुई। इससे तापमान में पांच से आठ डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड लौट आई है, जबकि, मैदानी क्षेत्रों में भी ठिठुरन महसूस की गई। चारों धामों और पर्यटन स्थल मसूरी में यात्रियों ने अलाव का सहारा लिया। मौसम में आए बदलाव से जहां मैदानी क्षेत्रों में गर्मी से राहत मिली है, वहीं ओलावृष्टि से गेहूं की फसल, फल और सब्जियों को नुकसान पहुंचा है।
प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह से ही आंशिक बादल मंडराते रहे। दोपहर बाद तेज हवा और गरज के साथ ही हल्की बौछारें पड़ने लगीं। शाम को अंधड़ के बीच झमाझम वर्षा हुई और पारा भी लुढ़क गया। शाम को मसूरी में सर्वाधिक 52 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई। जैंती में 31, सतपुली में 29, देवीधुरा में 18 मिमी और देहरादून में 13 मिमी वर्षा हुई। मसूरी में ओलावृष्टि से आवागमन प्रभावित हुआ। केदारनाथ, बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब सहित पिथौरागढ़ की उच्च हिमालयी चोटियों पर जमकर हिमपात हुआ है। लगातार हो रही वर्षा के बावजूद चारधाम यात्रियों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। हालांकि केदारनाथ के लिए हेलीकाप्टर सेवा दूसरे दिन भी प्रभावित रही।
करीब चार बजे देहरादून एयरपोर्ट पर कम दृश्यता व आंधी तूफान के चलते दिल्ली और बेंगलुरु की उड़ान को जयपुर के लिए डायवर्ट किया गया। कुछ अन्य उड़ानें भी विलंब से पहुंचीं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शुक्रवार को ज्यादातर क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रहने और हल्की वर्षा के आसार हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने और अंधड़ को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। पारे में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
