उत्तराखंड में लगातार हो रहे भूस्खलन और मलबा आने की से पर्वतीय क्षेत्रों में यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री हाईवे स्याना चट्टी के पास भूस्खलन के कारण बंद हो गया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वहीं चमोली जिले में देवाल-लोहाजंग-वाण स्टेट हाईवे गमलीगाड़ में मलबा आने से अवरुद्ध हो गया है, जिसके चलते 30 से अधिक वाहन मार्ग में फंस गए हैं। यमुनोत्री हाईवे पर चौड़ीकरण कार्य के दौरान निर्माण एजेंसी की लापरवाही पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि अनियंत्रित कटिंग और निर्माण कार्य के कारण हाईवे आए दिन बंद हो रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों के साथ ही यमुनोत्री धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। साथ ही आपदा प्रभावित स्याना चट्टी कस्बे पर भी अनियंत्रित कटिंग के कारण नया खतरा मंडराने लगा है। उधर, चमोली जिले के देवाल-लोहाजंग-वाण स्टेट हाईवे पर गमलीगाड़ में भारी मलबा आने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। सड़क बंद होने के कारण देहरादून, हल्द्वानी, गोपेश्वर सहित अन्य शहरों की ओर जाने वाले 30 से अधिक वाहन बीच रास्ते में फंसे हुए हैं। प्रशासन की ओर से मार्ग खोलने के लिए मशीनें लगाई गई हैं और मलबा हटाने का कार्य जारी है।


