पंजाब से उत्तराखंड कूच के लिए निकले कुछ निहंग सिखों को तो कुल्हाल बॉर्डर पर रोक दिया गया लेकिन इनमें से करीब 20-25 निहंग बैरिकेडिंग तोड़कर उत्तराखंड की तरफ बढ़ गए। पुलिस को इंटेलिजेंस से सूचना मिली कि निहंग प्रेमनगर के रास्ते आएंगे। इसके बाद प्रेमनगर चौक पर सैकड़ों की तादाद में पुलिस बल मुस्तैद कर दिया गया। निहंग पुलिस को चकमा देते हुए वाया मेहूंवाला-आईएसबीटी रेसकोर्स गुरुद्वारे में पहुंच गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पुलिस एक गाड़ी को वापस भेजने में सफल हो पाई है। चमोली में निहंग सिख और स्थानीय लोगों के बीच मारपीट के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ अलग-अलग तारीखों में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद से लगातार लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। निहंग लगातार प्राथमिकी दर्ज को वापस लेने की मांग कर रहे थे।
पूर्व में इसको लेकर कई दौर की वार्ता भी हुई। पूर्व में जत्था भी दून पहुंचा था। लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में निहंग सिख पंजाब के चंडीगढ़ से उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए। कूच की सूचना मिलते ही भारी मात्रा में पुलिस बल बॉर्डर क्षेत्र में तैनात कर दिया गया। पुलिस के साथ हुई कई घंटे तक तनातनी के बाद करीब 25 निहंग सिख बैरिकेडिंग तोड़ते हुए उत्तराखंड की सीमा में घुस गए। पुलिस बॉर्डर पार कर आए निहंगों को विकासनगर से लेकर सेलाकुई तक ढूंढती रही। पुलिस को जब खुफिया तंत्र से सूचना मिली कि निहंग प्रेमनगर होकर देहरादून में घुसेंगे तो भारी मात्रा में पुलिस बल प्रेमनगर चौक पर तैनात कर दिया। मौके पर आईटीबीपी के जवानों को भी बुलाया गया। पुलिस करीब दो घंटे तक प्रेमनगर में खड़े होकर निहंगों का इंतजार करती रही। निहंग सुरक्षाबलों को चकमा देकर मेहूंवाला से आईएसबीटी होते हुए शहर में घुस गए। पुलिस का दावा है कि शहर के अंदर घुसे निहंगों को पटेल नगर से वापस पांवटा साहब के लिए भेज दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक पुलिस को जब सूचना मिली कि निहंग मेहूंवाला होते हुए शहर में घुस रहे हैं तो पुलिस ने आनन-फानन में पहुंचकर शिमला बाईपास के पास उन्हें रोक लिया। पुलिस उन्हें वापस लौटने के लिए कह रही थी। लेकिन अपनी बातों पर अड़े हुए थे। देखते ही देखते पुलिस और निहंगों के बीच तीखी बहस होने लगी। पुलिस ने जब थोड़ी सख्ती दिखाई तो वे वापस लौटने के लिए माने। इस दौरान शिमला बाईपास के पास भी काफी देर तक भीड़ एकत्रित रही।



