देवभूमि उत्तराखंड की सैन्य परंपरा को गौरवान्वित करने वाले अल्मोड़ा निवासी भारतीय सेना के जांबाज अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी ने जम्मू-कश्मीर में चलाए जा रहे आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके शहीद होने की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है। लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी अपने अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति के लिए जाने जाते थे। आतंकियों के खिलाफ अभियान में उन्होंने वीरता और समर्पण का परिचय देते हुए राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनका यह बलिदान देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
उत्तराखंड की पावन धरती ने एक और वीर सपूत को खो दिया है, लेकिन उनके शौर्य और बलिदान की गाथा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं सैन्य संगठनों ने शहीद अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। शाहिद लेफ्टिनेंट वीरेश्वर गोस्वामी का पार्थिव शरीर आज रविवार शाम 4:00 बजे उनके निवास स्थान पांडेखोला में पहुंच गया है। उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ आज शाम विश्वनाथ में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।


