हत्या में मिली उम्र कैद की सजा, कब्रिस्‍तान कमेटी ने किया ऐसा झोल; जेल से बाहर घूम रहा हत्‍यारा

हल्द्वानी में बनभूलपुरा पुलिस की जांच में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। कब्रिस्तान कमेटी ने जिंदा व्यक्ति का मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार करवाने के लिए झूठी रसीद जारी कर दी। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि ये कहानी एक ऐसे शख्स से जुड़ी है जो हत्या के एक मामले में न्यायालय उम्र कैद की सजा सुना चुका है।सजा के विरुद्ध अपील के चलते इन दिनों वह जेल से बाहर है। फर्जी प्रमाणपत्र को लेकर शिकायत भी इसी व्यक्ति ने की थी। फिलहाल पुलिस ने कब्रिस्तान कमेटी से जुड़े दो लोगों के पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पूरी आशंका है कि एक पूरा गिरोह इस फर्जीवाड़े में शामिल है।

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पुलिस जांच में जल्द कई और चेहरे भी बेनकाब होंगे। बरेली रोड से सटे बनभूलपुरा क्षेत्र में शहर का पुराना कब्रिस्तान है। जहां मौत के बाद मुस्लिमों को दफ्न यानी सुपुर्दे खाक किया जाता है। इसके बाद कब्रिस्तान कमेटी की ओर से मृतक के स्वजन को एक रसीद दी जाती है। जिसके आधार पर नगर निगम से मृत्यु सर्टिफिकेट जारी हो जाता है। आवेदन से जुड़ी फाइल में शपथपत्र समेत अन्य दस्तावेज भी लगाने पड़ते हैं।

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वहीं, पुलिस के पास गोपनीय शिकायत पहुंची थी कि जिंदा व्यक्ति को मृत बताकर फर्जी रसीद जारी की जा रही है। इस मामले में नया मोड़ तब आया जब अफजाल अली निवासी लाइन नंबर 12 की ओर से एक शिकायती पत्र देकर तीन प्रमाणपत्र पत्रों को लेकर संदेह जताते हुए जांच की मांग कर दी। पुलिस के अनुसार 2012 में हुई एक हत्या के मामले में अफजाल को सुनवाई के बाद न्यायालय ने उम्र कैद की सजा सुनाई थी।सजा के विरुद्ध अपील करने की वजह से वो इन दिनों जेल से बाहर है। शिकायतकर्ता का कहना था कि कब्रिस्तान कमेटी की ओर से जारी इन तीन रसीद में उसका नाम भी शामिल है। यानी एक जिंदा व्यक्ति को कागजों में कब्र में दफ्न कर दिया गया। अब जांच की बारी नगर निगम की थी। रिकार्ड खंगालने पर पता चला कि शिकायत में जिन तीन नामों का जिक्र किया गया था। उनके नाम से पूर्व में मृत्यु प्रमाणपत्र जारी भी हुए थे। लेकिन सबसे गंभीर मामला अफजाल की फाइल से जुड़ा था।

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इसके बाद रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र डा. मनोज कांडपाल ने बनभूलपुरा थाने में तहरीर सौैंप कहा कि इस बात की पूरी आशंका है जीवित व्यक्ति को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मृत दिखाने वाला गिरोह सक्रिय है। जांच कर आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस की अब तक जांच में सामने आया है कि कब्रिस्तान कमेटी से जुड़े लोगों ने अफजाल की मां से कहा कि रसीद के आधार पर मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा लो। इसके बाद बेटा सजा से बच भी जाएगा। बस उसे हल्द्वानी से बाहर रहना होगा। लेकिन इस प्रकरण में हैरान करने वाला मोड़ तब आया। जब अफजाल ही पुलिस के पास फर्जीवाड़े की शिकायत लेकर पहुंच गया।

उसके ही शिकायती पत्र के आधार पर जांच आगे बढ़ी तो मामला खुल गया। शिकायतकर्ता के पिता और पार्षद के बेटे का भी प्रमाणपत्र – 2012 में शिकायतकर्ता के पिता सैय्यद शाने अली की पीलीभीत में मौत हुई थी। उन्हें हल्द्वानी में नहीं कहीं बाहर ही दफ्न किया गया था। लेकिन कमेटी ने यहां से रसीद जारी कर दी। यानी एक और फर्जीवाड़ा। इसके अलावा एक पूर्व पार्षद के बेटे की दिल्ली में मौत हुई थी। उसकी रसीद भी यही से जारी हुई। इस मामले में जांच अभी जारी है।

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