एक तरफ चुनाव से पहले कांग्रेस ने ग्राउंड पर अपने आप को मजबूत करने में जुटी हुई है तो वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने अंदर चल रही गुटबाजी प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को परेशान कर रही है, आज भी ऐसा ही हुआ, जब अचानक से मंच पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के साथ बैठे कांग्रेस विधायक मयूख महर अचानक से नाराज हो चल गए, दरअसल, साल 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को मजबूत करने के लिए कांग्रेस प्रदेश भर में ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ का आयोजन कर रही है, इसी क्रम में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की मौजूदगी पिथौरागढ़ में परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ का आयोजन किया, तभी सम्मेलन के दौरान पिथौरागढ़ जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष भावना नगरकोटी के संबोधन से विवाद शुरू हुआ।
भावना नगरकोटी ने नगर निकाय चुनाव में टिकट और पार्टी से अलग होकर काम करने को लेकर पिथौरागढ़ के विधायक मयूख महर पर परोक्ष निशाना साधा, इसके बाद विधायक मंच पर ही नाराज हो गए और समर्थकों के साथ सभागार छोड़कर बाहर निकल गए, कार्यक्रम शुरू होने से पहले मंच से घोषणा की गई थी कि सम्मेलन में केवल परिवर्तन संकल्प अभियान और जनता के मुद्दों पर चर्चा होगी, लेकिन पहले ही भाषण में राजनीतिक तंज से माहौल गर्मा गया, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने भावना नगरकोटी से संबोधन समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने बोलना जारी रखा, इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी अपनी सीट से उठकर स्थिति संभालने पहुंचे, लेकिन तब तक विधायक मयूख महर विरोध जताते हुए मंच छोड़ चुके थे।
विधायक मयूख महर के सभागार से बाहर जाने के बाद मंच से संबोधित करते हुए गोदियाल ने कहा, आज यहां जो हुआ, वह दिखाता है कि कहीं ओर से गाइडेड और इन गाइडेड मिसाइलों के कारण यहां का माहौल खराब हुआ, उन्होंने कार्यकर्ताओं से विवेक और संयम से काम लेने की अपील भी की, कांग्रेस ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी के तहत प्रदेशभर में ‘परिवर्तन संकल्प सम्मेलन’ अभियान शुरू किया है, पहले चरण में 10 जुलाई तक पहाड़ी जिलों में सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, प्रदेश को चार जोन में बांटकर अलग-अलग वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है, इसी क्रम में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पिथौरागढ़ दौरे पर पहुंचे थे।
दरअसल, विवाद की जड़ पिछले साल हुए पिथौरागढ़ नगर निगम चुनाव को माना जा रहा है, उस चुनाव में विधायक मयूख महर अपनी पसंद की प्रत्याशी मोनिका महर को कांग्रेस का टिकट दिलाना चाहते थे, लेकिन पार्टी ने अंजू लुंठी को उम्मीदवार बनाया, इसके बाद मोनिका महर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरीं और विधायक उनके समर्थन में खड़े हो गए, कांग्रेस दो गुटों में बंट गई, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिला, भाजपा प्रत्याशी कल्पना देवलाल महज 17 वोट से चुनाव जीत गईं, कांग्रेस प्रत्याशी अंजू लुंठी को 3,379 वोट मिले, जबकि बागी मोनिका महर को 9,449 वोट मिले, दोनों के वोट जोड़ने पर कांग्रेस भाजपा से काफी आगे रहती, माना जा रहा है कि उसी राजनीतिक खींचतान की झलक अब परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के मंच पर भी देखने को मिली, वही कांग्रेस का यह विवाद भाजपा को एक बैठे बैठाय एक मुद्दा भी मिल गया है।



