Nainital News: मंगलपड़ाव से रोडवेज स्टेशन तक दुकानदारों को कब्जा हटाने का अल्टीमेटम

हाईकोर्ट के आदेश के तहत कब्जाधारकों को दस दिन का समय दिया गया है। चार सितंबर के बाद बलपूर्वक कब्जा हटाने की चेतावनी दी गई है।शहर में यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मंगलपड़ाव से रोडवेज बस स्टेशन तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य होना है। सड़क चौड़ीकरण के लिए नैनीताल रोड पर 101 कब्जाधारकों को पूर्व में चिह्नित किया गया था। कब्जे धारकों को समय-समय पर नोटिस भी दिए गए। इस पर कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस अवधि में उच्च न्यायालय ने स्टे दे दिया।

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उच्च न्यायालय के आदेश पर गठित समिति ने राजकीय अभिलेखों, मानचित्रों, मानकों और प्रभावितों की ओर से प्रस्तुत अभिलेखों और जनहित के दृष्टिगत प्रत्यावेदनों का निस्तारण कर दिया है। न्यायालय ने समिति की आख्या का संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका को 20 अगस्त को निस्तारित कर दिया था। 23 अगस्त को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने प्रभावितों को दस दिन का वक्त देने के लिए कहा गया था।

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लोनिवि के ईई अशोक कुमार ने बताया कि नैनीताल रोड पर मंगलपड़ाव से रोडवेज स्टेशन तक सड़क के मध्य बिंदु से दोनों ओर 12 मीटर क्षैतिज दूरी में निर्मित भवनों के पूर्व चिह्नित वांछित भाग को कब्जाधारक चार सितंबर तक स्वयं ध्वस्त कर लें। अन्यथा बलपूर्वक निर्माण कार्य हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी संबंधित कब्जाधारक की होगी। निर्माण को हटाने में होने वाले खर्च भी संबंधित लोगों से वसूला जाएगा।

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प्रभावितों को क्षतिपूर्ति और कारोबार के लिए अन्यत्र जगह देने की मांग लोक निर्माण विभाग ने तीन दिन पहले मंगल पड़ाव से रोडवेज तक के व्यापारियों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया था। इसके विरोध में बृहस्पतिवार को व्यापारियों ने मंगल पड़ाव से रोडवेज स्टेशन तक आक्रोश रैली निकाली थी। हाईकोर्ट ने 23 अगस्त के आदेश में व्यापारियों को 10 दिन की मोहलत दी है। वहीं दोबारा नोटिस मिलने पर व्यापारियों में खलबली मची है। प्रांतीय व्यापार मंडल के अध्यक्ष योगेश शर्मा ने कहा कि व्यापारियों को विश्वास में लेकर ही विस्थापन की प्रक्रिया की जाए। प्रभावितों को क्षतिपूर्ति और कारोबार के लिए अन्यत्र जगह दी जाए।

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