लालकुआं बीजेपी नेता रेप केस, मुकेश बोरा की गिरफ्तारी पर रोक संबंधी याचिका खारिज, बढ़ेंगी मुश्किलें

2 Min Read

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने लालकुआं बीजेपी नेता रेप केस मामले में आरोपी दुग्ध संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा की गिरफ्तारी पर रोक संबंधी प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया है अदालत का कहना है कि ऐसे जघन्य अपराधों के आरोपी को अंतरिम राहत देने से विवेचना में बाधा पहुंच सकती है, वह सबूत से छेड़छाड़ कर सकता है।

- Advertisement -

पीड़िता पक्ष की ओर से पेश अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली ने बताया न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की एकलपीठ में सोमवार 17 सितंबर को सुनवाई के बाद न्यायालय ने मुकेश बोरा की गिरफ्तारी पर रोक संबंधी प्रार्थनापत्र पर वह सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था, आज कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड निर्णय सुनाते हुए एकलपीठ ने कहा आरोपी किसी अंतरिम राहत के योग्य नहीं ह, लिहाजा इनकी गिरफ्तारी पर रोक संबंधी याचिका को खारिज किया जाता है इस आदेश के बाद पुलिस आरोपी मुकेश बोरा के विरुद्ध जारी गैर जमानती वारंट के आधार पर उसे गिरफ्तार कर सकती है।

- Advertisement -

13 सितम्बर को हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने मुकेश बोरा की गिरफ्तारी पर 17 सितंबर तक रोक लगा दी थ, कोर्ट ने मुकेश बोरा से जांच में सहयोग करने व रोज अल्मोड़ा कोतवाली में उपस्थिति दर्ज करने को कहा था, इसके बाद न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की एकलपीठ ने इस मामले की 17 सितम्बर को सुनवाई के दौरान मुकेश बोरा केके अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है, वे पुलिस जांच में सहयोग कर रहे हैं, सरकार व पीड़िता की ओर से बताया गया कि आरोपी ने अब तक वह मोबाइल नहीं दिया है, जिसमें उसकी पीड़िता के साथ बात होती थी, इसके अलावा काठगोदाम होटल में किये गए हस्ताक्षरों का मिलान किया जाना है, इस लिये उन्हें गिरफ्तार किया जाना आवश्यक है, इस आधार पर कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक व लालकुआं थाने में दर्ज मुकदमे को निरस्त करने को लेकर दायर याचिका खारिज कर दी है।

- Advertisement -
TAGGED:
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version